दिल्ली पुलिस की एफआईआर में अपना नाम आने पर जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा है कि उनके पास भी सबूत है। नाम आने से कोई गुनहगार नहीं हो जाता।
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि चुनचुन कुमार पत्थर फेंक रहे थे। पंकज मिश्र भी पत्थर फेंक रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू हिंसा मामले में कुल तीन केस दर्ज किए हैं। पहला- सर्वर रूम में तोड़फोड़, दूसरा- रजिस्ट्रेशन समर्थकों से मारपीट, तीसरा- हॉस्टल में घुसकर हमला।
चार जनवरी को जेएनयू सर्वर को नुकसान पहुंचाया गया। 5 जनवरी के दिन साबरमती हॉस्टल और पेरियार हॉस्टल के बीच में एक जगह पर पीस मीटिंग हो रही थी और अचानक से नकाबपोश लोग आ गए और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद इन लोगों ने घुस-घुसकर एक-एक कमरे में छात्रों को मारा। उन्हें सभी रास्ते मालूम थे।
हम 5 जनवरी के पहले से जांच कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन पर छात्रों को चार छात्र समूह डरा रहे थे। लेफ्ट संगठनों के छात्रों ने तीन जनवरी को सर्वर के साथ छेड़छाड़ की। अंदर के स्टाफ से धक्का मुक्की की।
पुलिस ने मीडिया से अपील की है कि यह सेंसिटिव मामला है तो मीडिया इसका ध्यान रखे और सही रिपोर्टिंग करे।
पुलिस ने कहा है कि बीते कुछ दिनों में जांच को लेकर अफवाहें फैल रही थीं, इसलिए ये प्रेस कांफ्रेंस की है।
जेएनयू के बाहर इस वक्त भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और सादी वर्दी में बड़ी संख्या में पुलिस कैंपस के अंदर भी गई है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के शिक्षक फेडरेशन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 5 जनवरी के दिन जेएनयू हिंसा के दौरान 'दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता' को लेकर शिकायत की है। इस खत पर 16 शिक्षकों ने हस्ताक्षर किया है।
दिल्ली पुलिस आज शाम चार बजे जेएनयू हिंसा मामले में बड़ी प्रेस कांफ्रेंस करने वाली है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्रावास फीस वृद्धि को लेकर जो भी फैसला लिया था, उसे पूरी तरह से लागू किया जा रहा है: जेएनयू कुलपति जगदीश कुमार
जेएनयू के वीसी एम जगदीश कुमार ने एचआरडी के सचिव से मुलाकात के बाद बाहर मीडिया से बातचीत की और कहा कि जरूरत पड़ी तो विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की डेट आगे बढ़ा दिया जाएगा।
जेएनयू के तीन प्रोफेसरों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डालकर जेएनयू हिंसा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों को को संरक्षित रखने की मांग की है।
जेएनयू के बाहर बाबा गंग नाथ मार्ग पर हिंदू सेना ने 200 से ज्यादा पोस्टर लगाए हैं। इसमें लिखा है, चीन समर्थक एसएफआई से, जेएनयू में अश्लीलता फैलाने वालों से, आजादी, एसएफआई को बैन करो सुरजीत यादव, हिंदू सेना।
जानकारी के अनुसार मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने जेएनयू वीसी को भी इस मामले में तलब किया है। ये दोनों आज एक बार फिर सुबह 11.30 बजे मिलेंगे और इनके बीच ताजा हालात को लेकर चर्चा हो सकती है। वहीं चर्चा है कि चौतरफा दबाव में वीसी एस जगदीश कुमार इस्तीफा भी दे सकते हैं।