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JNU: जारी रहा सरेंडर-गिरफ्तारी का ड्रामा

Tue, 23 Feb 2016 09:55 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में उमर समेत अन्य चार आरोपियों के सरेंडर और गिरफ्तारी का हाईवोल्टेज ड्रामा रविवार रात से सोमवार शाम तक जारी रहा।
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विवि गेट के बाहर पुलिस विश्वविद्यालय से कैंपस में दाखिल होने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर इंतजार करती रही तो अंदर उमर समेत अन्य आराम से अपनी बेगुनाही के साथ पुलिस समेत मीडिया ट्रायल पर गुस्सा निकालते रहे।

हालांकि देर शाम कुलपति ने जेएनयू शिक्षक यूनियन से बैठक के बाद छात्रसंघ की कैंपस में पुलिस की नो एंट्री की मांग मान ली। हालांकि अन्य मांगों पर विचार करने की बात कही।
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जेएनयू कैंपस में सोची-समझी मंझी हुई रणनीति के तहत रविवार शाम छह बजे उमर समेत अनिर्बान भट्टाचार्य, अनंत प्रकाश, रामानागा, आशुतोष के कुलपति कार्यालय राष्ट्रीयता के नाम पर आयोजित भाषण कार्यक्रम में जैसे ही दिखे तो सोशल मीडिया एक्टिव हो गया।

होती रही नारेबाजी और भाषणबाजी

हालांकि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष ने टवीट कर कैंपस में पहुंचने की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी। उमर समेत चार अन्य के सरेंडर करने की खबर चलती रही।

इसी बीच पुलिस भी विवि गेट तक पहुंच गयी, लेकिन छात्रों और शिक्षकों के दबाब में प्रशासन से इजाजत नहीं मिली। रविवार देर रात से सोमवार रात तक सरेंडर और गिरफ्तारी का ड्रामा चलता रहा। आरोपी छात्रों का कहना था कि हम कैंपस में आ गए हैं, अब कुलपति चाहें तो पुलिस को बुलाकर हमें गिरफ्तार करवा सकते हैं। हालांकि अंदरखाते से कुलपति पर पुलिस की नो एंट्री का दबाब भी बनाते रहे।

सोमवार को भी पूरे दिन पुलिस गेट पर डटी रही और भीतर छात्र नेता आराम से नारेबाजी व भाषणबाजी करते रहे। शिक्षकों व छात्रों के दबाव में कुलपति ने पुलिस को छात्रों की गिरफ्तारी की अनुमति नहीं दी।

इस बीच पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगर छात्र बेकसूर है तो सुबूत पेश करें, बेकसूर होने पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके अलावा पुलिस आयुक्त ने कहा कि सरेंडर न करने की स्थिति में उनके पास कई अन्य विकल्प भी हैं।

छात्रों संग शिक्षकों के मैदान में आते ही रणनीति का खुलासा

न्यूज चैनल के माध्यम से देश दुनिया के पाठकों को अपने बेगुनाह होने की बात बताकर वाहवाही लूटनी चाही कि हमें बेवजह परेशान किया जा रहा है।

न्यूज चैनल के सामने हीरो बनते ही करीब 12 बजे असली रणनीति दिखनी लगी, जब जेएनयू के करीब दो दर्जन शिक्षक  उमर समेत चार अन्य आरोपियों के साथ कुलपति कार्यालय के नीचे बैठ गए।

इसी के साथ छात्र, शिक्षक व आरोपी की एकता भी दिखी। मीडिया ने शिक्षकों को जब उमर समेत अन्य आरोपियों को साथ देते देखा तो उन्होंने फोटो खींचने से मना कर दिया। इसी बीच चादर और शाल से परदा कर दिया गया।

फिलहाल कुलपति ने पुलिस को कैंपस में आने की नहीं दी इजाजत
कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार और जेएनयू शिक्षक यूनियन की बैठक आयोजित हुई, जिसमें तीन मांगों पर चर्चा हुई। कुलपति ने शिक्षक यूनियन को आश्वासन दिया है कि फिलहाल पुलिस को कैंपस में आने की अनुमति नहीं दी गयी है।
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जानिए पूरा घटनाक्रम

हालांकि आठ छात्रों पर प्रतिबंद्ध हटाने और पुलिस द्वारा दर्ज मामले को रद करने की मांग पर विचार करने की बात कही है। इसके अलावा रजिस्ट्रार भूपेंद्र के इस्तीफे की मांग भी रखी है। क्योंकि उन्होंने इस मामले को ढंग से नहीं सुलझाया।

घटनाक्रम :
- रविवार शाम छह बजे कैंपस पहुंचे।
- रविवार आठ बजे आशुतोष ने टवीट पर जानकारी दी।
- रविवार साढ़े दस बजे उमर ने भाषण दिया। रविवार रात साढ़े 12 बजे दोबारा भाषण दिया।
- सुबह चार बजे जेएनयूछात्रसंघ ने प्रेस रिलीज में विश्वविद्यालय से पुलिस की नो एंट्री की मांग रखी।
- पुलिस रविवार साढ़े दस बजे से सोमवार देर शाम तक गेट के बाहर विवि की इजाजत का इंतजार करती दिखी।
-सोमवार सुबह आठ बजे मीडिया को कैंपस में आने की इजाजत मिली।
- सोमवार सुबह नौ बजे न्यूज चैनल पर उमर समेत चारों ने बयान दिया।
- करीब 12 बजे शिक्षक छात्रों के साथ आकर सहयोग देने को बैठ गए।
- उमर समेत अन्य आरोपियों की सुरक्षा के लिए जेएनयू सिक्योरिटी ने घेरा बना लिया।
- करीब एक बजे मीडिया से छिपाने के लिए चादरों से ढक दिया गया।
- रामा नागा और अनंत आकर मीडिया से अपनी बात करते रहे।
- सवा तीन बजे कुलपति और जेएनयू शिक्षक यूनियन की बैठक शुरू।
- साढ़े चार बजे जेएनयू शिक्षक यूनियन ने बताया कि कुलपति ने पुलिस की कैंपस में नो एंट्री की बात मान ली है।
- कुलपति का आश्वासन मिलते ही दोबारा उमर समेत अन्य छात्र आराम से घूमने लगे।
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