नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ कार्यालय में लद्दाख संकटः पहचान की लड़ाई विषय पर एक सार्वजनिक चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार की उदासीनता को लेकर निंदा की गई। वक्ताओं में एपेक्स बॉडी लेह के कानूनी सलाहकार मुस्तफा हाजी ने कहा कि हमें अपने दुख को व्यक्त करने का मौका ही नहीं मिला। डॉक्टर स्थिति को संभालने के लिए तैयार नहीं थे। कुछ को अपनी क्षमता से ज्यादा सर्जरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा और घायलों को ले जाने के लिए पर्याप्त वाहन भी नहीं थे। वहीं, 24 सितंबर को हुई हिंसा को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। इस हिंसा में चार लोगों को जवान गंवानी पड़ी थी। वक्ताओं में कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के सदस्य सज्जाद कारगिली और पूर्व विधायक एवं केडीए के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई भी शामिल हुए। ब्यूरो