जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के आत्महत्या करने वाले एमफिल के दलित छात्र जीवनाथम मुथूकृष्णन उर्फ रजनी कृष (29) के खिलाफ कोई सैक्सुअल हरासमेंट का मामला दर्ज नहीं था।
जेएनयू की जीएस कैश कमेटी (जेंडर सेंस्टाइजेशन कमेटी अंगेस्ट सेक्सुअल हरासमेंट) का कहना है कि जब मृतक के खिलाफ किसी छात्रा ने कोई शिकायत ही नहीं दी थी तो फिर जांच कैसी?
जीएस कैश कमेटी की चेयरपर्सन शुक्ला वी सावंत के मुताबिक, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेस के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्ट्डीज के एमफिल के दलित छात्र जीवनाथम मुथू कृष्णन उर्फ रजनी कृष के खिलाफ उनके पास कभी कोई शिकायत नहीं आयी है।
सावंत का कहना है कि उन्हें हैरानगी हो रही है आखिर इस प्रकार की खबरें क्यों आ रही है। जबकि जीएस कैश कमेटी के पास यदि कोई सैक्सुअल हरासमेंट की शिकायत आती भी है तो फिर उसकी जांच बेहद गोपनीय ढंग से की जाती है। यदि जांच में आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तब भी उसकी रिपोर्ट को बेहद गोपनीय रखा जाता है। हालांकि, इस मामले में तो कभी कोई शिकायत आयी ही नहीं है।