फातिमा कहती हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन के रवैये से दुखी हूं। सब आकर मुझे दिलासा देते हैं कि मेरा बेटा मिल जाएगा, लेकिन कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कभी हाल नहीं पूछा। दो सालों में एक बार भी विश्वविद्यालय प्रबंधन हमारे परिवार के साथ नहीं खड़े हुए।
कुलपति तो विश्वविद्यालय का पिता होता है, जिसके लिए सारे छात्र बच्चे। एक छात्र कैंपस से लापता हुआ, लेकिन कुलपति ने कभी हमसे मिलकर तलाश में साथ देने का आश्वासन तक नहीं दिया।