नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सोमवार सुबह जामिया के कुछ छात्रों ने कड़कड़ाती ठंड में कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया। करीब 15 से 20 छात्रों का समूह इंकलाब जिंदाबाद और दिल्ली पुलिस हाय-हाय के नारे लगाने लगे।
छात्रों का कहना था कि पुलिस ने जिस तरह से बर्बरता की है, उसके विरोध में वे कपड़े उतारकर प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब एक-डेढ़ घंटे तक कंपकंपाती ठंड में छात्र प्रदर्शन करते रहे। बाद में अन्य छात्रों के कहने पर कपड़े पहने। छात्रों के प्रदर्शन में नागरिक समाज के करीब 25 लोग भी पहुंचे। इनमें हर्ष मंदर, प्रशांत भूषण व अन्य शामिल थे। नागरिक समाज के लोगों ने छात्रों को साथ देने की बात कही।
सुबह करीब नौ बजे कुछ छात्रों ने अपनी शर्ट व टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। नारेबाजी के दौरान छात्रों का कहना था कि जब तक केंद्र सरकार सीएबी और एनआरसी को वापस नही लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
विरोध कर रहे पीएचडी के एक छात्र ने बताया कि हमारे सहपाठियों को पुलिस ने बुरी तरह से पीटा है। पुलिस ने शौचालयों, पुस्तकालयों, मस्जिद और हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर बर्बरता दिखाई है। दूसरी ओर छात्र जब कपड़े उतारकर ठंड में प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान नागरिक समाज के लोग भी पुलिस की बर्बरता के खिलाफ वहां पहुंच गए। सभी ने छात्रों शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।