ग्रेटर नोएडा के गांव बोड़ाकी गांव निवासी दानवीर की बेटी छाया (7) के पूरे शरीर पर कुछ दिनों से सूजन थी। उनके पड़ोसी भगवत सिंह ने बताया कि सोमवार को बेटी की तबियत अधिक बिगड़ गई। उसे दादरी के एक अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजन शाम करीब साढ़े छह बजे कासना स्थित जिम्स हास्पिटल लेकर चले गए। भगवत सिंह का आरोप है कि वह खुद छाया के उपचार के लिए उनके साथ जिम्स पहुंचे थे। वहां चिकित्सकों ने सुविधा नहीं होने का हवाला देते हुए उपचार से मना कर दिया।
हालत गंभीर बताते हुए परिजन चिकित्सकों के सामने गिड़गिड़ाते रहे, परंतु उन्हें धक्का देकर वहां से भगा दिया गया। दानवीर ने बताया कि बेटी की हालत बेहद नाजुक है। उसका उपचार करने के बजाय जिम्स के स्टाफ ने बदसलूकी की। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
परिजनों का कहना है कि वह बेटी के उपचार के लिए चिकित्सकों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन स्टाफ उन पर बाहर जाने का दबाव डाल रहा था। एक स्टाफ कर्मी ने उन्हें सख्ती से बाहर जाने के लिए कहा। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया है, जो वायरल हो चुका है।
मैं खुद शाम को अस्पताल की निगरानी कर रहा था। ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। बच्ची को पूरा इलाज मिलता। इसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-बिग्रेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता, निदेशक-जिम्स