अब बिना आईडी प्रूफ के ज्वैलरी शोरूम में जेवर नहीं बेच पाएंगे। साथ ही दो गवाह भी लाने होंगे। ताकि ये तय हो सके कि सामान चोरी या लूट का नहीं है।
प्रदेश स्वर्णकार महासंघ के महामंत्री रवि वर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था उत्तराखंड में चल रही है, जल्द इसे गाजियाबाद में लागू करने की प्लानिंग है।
इस संबंध में शुक्रवार को पुलिस लाइंस में सर्राफा व्यापारियों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों की पुलिस के साथ बैठक हुई।
जब तक ये व्यवस्था लागू नहीं की जाती, पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे इस तरह लगाने को कहा ताकि कस्टमर के चेहरे साफ नजर आएं। सिक्योरिटी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
सहारनपुर में रविवार को तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों की डकैती की वारदात से गाजियाबाद के सर्राफा कारोबारी भी खौफजदा हैं।
पुलिस ने गश्त बढ़ाने के साथ ही व्यापारियों से सतर्क रहने, रात में गार्ड, सीसीटीवी और पैनिक अलार्म लगाने को कहा है। संदिग्ध व्यक्ति की सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में एसपी सिटी अजयपाल, सीओ सिटी सेकेंड रणविजय सिंह, सर्राफा एसोसिएशन के नितिन गोयल, गौरव गर्ग समेत जिलेभर के सर्राफा व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों की मांग पर एसपी सिटी ने शस्त्र लाइसेंस जल्द बनाने का आश्वासन दिया है। लुटेरे सीसीटीवी की डीवीआर ले जाते हैं, इसलिए उनकी जगह एनवीआर लगाने की सलाह एसपी सिटी ने दी।
वहीं, सर्राफा व्यापारियों का कहना था कि पुलिस लूट व डकैती की वारदात में चोरी में दर्ज करती है, ऐसा नहीं होना चाहिए। बैठक में पेट्रोल पंप और बैंक पदाधिकारी भी शामिल हुए। उन्हें गार्ड रखने और सीसीटीवी दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई।