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जेईई मेन में गुरकीरत ने हासिल किए 100 पर्सेंटाइल, आईआईटी नहीं, आईआईएससी बंगलूरू में करना चाहते हैं शोध

Sun, 13 Sep 2020 12:53 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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अपने अभिभावकों के साथ गुरकीरत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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जेईई मेन 2020 में 100 पर्सेंटाइल पाने वाले गुरकीरत सिंह कहते हैं कि मेरे मम्मी-पापा दोनों मेडिकल क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वे चाहते थे कि मैं भी मेडिकल में अपना भविष्य बनांऊ पर मुझे मैथ्स और फिजिक्स बेहद पसंद था। हालांकि उन्होंने कभी मुझपर दबाव नहीं डाला। 

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मेरा जीवन में फिजिक्स और मैथ्स को लेकर टारगेट क्लियर था, इसलिए इसे पूरा करने पर फोकस किया और सफलता मिली। मैं आईआईटी नहीं बल्कि आईआईएससी बंगलूरू से फिजिक्स में शोध करना चाहता हूं। मुझे फिजिक्स के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना है।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली कैंपस में रहने वाले और संत कोलंबस स्कूल गोलमार्केट से 12वीं पासआउट गुरकीरत सिंह मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। पिता डॉ. राजदीप सिंह मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली में सर्जन हैं और मम्मी डॉ. पुनीत कौर पंडित दीन दयाल मेडिकल इंस्टीट्यूट में फिजियोलॉजी की प्रोफेसर हैं।
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सोशल मीडिया पर दुनिया की बजाय एक-एक करके बात करना पसंद
गुरकीरत कहते हैं कि फेसबुक पर अकाउंट है पर उसे प्रयोग नहीं करते हैं। क्योंकि सोशल मीडिया पर दुनिया से बात करने की बजाय मैं एक-एक करके दोस्तों से बात करना पसंद करता हूं। पढ़ाई की थकान टीवी, साइकलिंग से दूर करता हूं।

एक से दो गलती के बाद भी 100 पर्सेंटाइल
जेईई सितंबर परीक्षा देने के बाद मुझे यकीन था कि 100 पर्सेटाइल आएंगे। हालांकि आंसर-की देखने से पता चला कि एक से दो छोटी गलती थी, लेकिन फिर भी 100 पर्सेटाइल आ गए। 

जीवन में जरूरी नहीं कि हर बार सफलता मिले। इसलिए सबसे पहले यह तय करें कि आप क्या चाहते हैं? जिस दिन यह बात समझ आ जाएगी, हमेशा जीवन में सफलता ही मिलेगी।

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