नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को जेईई मेन पहले सत्र का परिणाम जारी कर दिया है। पहले सत्र के परिणाम में शहर की रिद्धिमा सिंह ने 99.9888 परसेंटाइल हासिल किए हैं। वहीं अद्वय मयंक ने 99.9810 और क्षितिज ने 99.96 और अभिषेक मोहन गोयल ने 99.95, आरुष मित्तल ने 99.95 और पलक शर्मा ने 99.93 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। इन सभी छात्रों ने पहले सत्र के परिणाम में ही धमाल मचा दिया है। टॉप तीनों छात्रों ने एक विषय में 100 अंक हासिल करने में सफलता हासिल की है।
शहर के 300 से अधिक छात्रों ने 93.2 से अधिक प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। पहले चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बताया कि वह आईआईटी से पढ़ाई करना चाहते हैं। देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते है। टॉपरों ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के बाद उनका लक्ष्य दूसरे चरण में पहले चरण से अधिक परसेंटाइल लाने का है। बता दें जेईई मेन सत्र-1 पेपर-1 (बीई/बीटेक) की परीक्षा में 14 छात्रों ने 100 फीसदी अंक हासिल किए हैं। पेपर-1 की परीक्षा के लिए कुल 13,11,544 छात्रों ने पंजीकरण किया था। इनमें से 12,58,136 (95.93 फीसदी) छात्र परीक्षा में शामिल हुए। पेपर-1 की परीक्षा 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2025 को कुल 304 शहरों में स्थित 618 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
रिद्धिमा ने बताया कैसी मिली उनको यह सफलता
जेईई-मेन रिजल्ट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली रिद्धिमा सिंह ने बताया कि वह सेक्टर-105 में रहती हैं। उन्होंने बताया कि इस सफलता में माता और पिता का बेहद अहम योगदान है, जिन्होंने उन्हें हमेशा पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सेक्टर 34 के बिलाबॉन्ग हाई स्कूल से पढ़ाई की है। अब उनकी प्राथमिकता है कि वह दिल्ली आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जेईई मेन में शीर्ष स्कोर हासिल करना बचपन से ही मेरा सपना रहा है। इस सपने को पूरा करने में मेरी मदद करने के लिए मैं शिक्षकों की आभारी हूं। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह 10 से 12 घंटे पढ़ती थीं। उन्होंने बताया कि स्कूल और कोचिंग के बाद वह प्रतिदिन का लक्ष्य तय कर लेती थीं। तय लक्ष्य को पूरा किए बिना वह आराम नहीं करती थीं। पहले चरण में इतनी बड़ी सफलता मिलेगी। इसके बारे में भी सोचा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगले चरण में उनका लक्ष्य देश में टॉप करने का है। देश में 14 छात्रों ने टॉप किया है। उनका भी लक्ष्य पहले नंबर में आने का रहेगा।
उन्होंने बताया कि विज्ञान और गणित की मेरी मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करने में मेरी सहायता शिक्षकों ने की, जिससे मुझे जेईई मेन में कठिन समस्याओं को हल करने में मदद मिली। स्कूल और कोचिंग में पढ़ाए गए हर पाठ को प्रतिदिन रिवीजन करती थीं। जिस जगह कोई भी समस्या आती। उसको तत्काल नोट कर लेती और अगले दिन सबसे पहले उस समस्या को ही शिक्षकों से पूछती। जिससे आगे कोई परेशानी न आए।
वहीं दूसरे नंबर पर आने वाले अद्वय मयंक ने बताया कि वह बिहार के रहने वाले हैं। उनकी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई है। उनका सपना इंजीनियर बनने का है। परिवार के सदस्यों का काफी सहयोग मिला। वहीं तीसरे नंबर पर आने वाले छात्र ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 133 में रहते हैं। हाईस्कूल की पढ़ाई कोठारी इंटरनेशनल स्कूल की है। 12वीं की पढ़ाई विवेकानंद से कर रहे हैं। अब इस परिणाम ने और बेहतर करने की उम्मीद जगाई है। सरकारी संस्थान से बीटेक करना चाहते हैं।