पिछले साल सितंबर में एजेंसी ने एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके तीन निदेशकों, सिद्धार्थ कृष्णा, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वार्ष्णेय के अलावा अन्य दलालों और सहयोगियों के खिलाफ परीक्षा में कथित हेरफेर के लिए मामला दर्ज किया था।
यह आरोप लगाया गया था कि तीनों निदेशक व अन्य सहयोगियों और दलालों के साथ साजिश में जेईई (मेन्स) की ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर की। आरोपी सोनीपत (हरियाणा) में एक चुने हुए परीक्षा केंद्र से रिमोट एक्सेस के माध्यम से इच्छुक छात्रों के प्रश्न को हल करके बड़ी मात्रा में शीर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश पाने की सुविधा प्रदान कर रहे थे।
प्रत्येक छात्रों से लिए गए थे 12 से 15 लाख
सितंबर 2021 में सीबीआई ने एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके तीन निदेशकों सिद्धार्थ कृष्णा, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वार्ष्णेय के अलावा अन्य सहयोगियों के खिलाफ परीक्षा में कथित हेरफेर के लिए मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया गया था कि हरियाणा के सोनीपत परीक्षा केंद्र पर इस कंपनी और उसके निदेशकों ने परीक्षा में रिमोट एक्सेस के माध्यम से आवेदकों के प्रश्न पत्र को हल किया था। इसके लिए सभी छात्रों से 12 से 15 लाख रुपये लिए गए थे।