जेबीटी छात्र अब क्लास से बंक नहीं मार सकेंगे। कॉलेज प्रबंधन प्रत्येक छात्र की रोजाना ऑनलाइन हाजिरी शिक्षा विभाग को भेजेगा। जेबीटी की पढ़ाई के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कॉलेजों और लापरवाही बरतने वाले छात्रों पर नकेल कसने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
कई प्राइवेट कॉलेज अपने यहां विद्यार्थियों को एडमिशन देते हैं और उनसे कई गुना फीस लेकर कॉलेज न आने की रियायत दे देते हैं। जिसे & apos;नॉन अटेडिंग क्लॉस’ कहा जाता है।
इसका सीधा असर डीएड के रिजल्ट पर पड़ रहा था। लगातार दो साल से डीएड का रिजल्ट लगातार गिर रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम शुरू करने का निर्णय लिया है।
इससे संबंधित दिशा-निर्देश कॉलेजों को जारी कर दिए गए हैं। लगातार गैर हाजिर रहने वाले छात्रों का दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी जवाबदेही कॉलेज प्रबंधन की होगी।
स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की ओर से तैयार की गई नई गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में सभी डीएड कॉलेजों को अब अपने यहां पढ़ने वाले जेबीटी विद्यार्थियों की हाजिरी प्रतिदिन ऑनलाइन विभाग को भेजनी होगी।
शिक्षा विभाग की विशेष जांच टीमें कॉलेजों का निरीक्षण करेंगी और ऑनलाइन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले कॉलेजों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी।
इस संबंध में बालाजी कॉलेज ऑफ एजूकेशन के प्रबंधक जगदीश चौधरी ने बताया कि एससीईआरटी की नई व्यवस्था से शिक्षण संस्थानों और छात्रों की लापरवाही पर अंकुश लगा जाएगा। इसका सकारात्मक असर परीक्षा परिणाम पर दिखेगा।