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Cyber Fraud: खान मार्केट से जुड़ा कारोबारी जावेद 3 करोड़ की साइबर ठगी में गिरफ्तार, पुलिस ने किए कई दावे

Fri, 10 Apr 2026 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन के अनुसार यह खाता डिजिटल अरेस्ट स्कैम में शामिल नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें पैसे म्यूल बैंक खातों के माध्यम से भेजे जा रहे थे।
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demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एशिया की सबसे महंगी खान मार्केट में सलीम जावेद-रूल द रोल्स सिंस 1960 के मालिक और खान चाचा के संस्थापक के बेटे जावेद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं उनके भाई सलीम को ऑपरेशन साई हाॅक के तहत बाउंड डाउन किया है।

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मोहम्मद जावेद को साइबर धोखाधड़ी में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार उनकी कंपनी के नाम पर पंजीकृत एक खाते में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों से ठगी की रकम आई थी। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि दोनों दिल्ली के सैैनिक फार्म के निवासी हैं और हाजी बांदा हसन के बेटे हैं। 

खान चाचा अब व्यवसायी नवनीत कालरा के स्वामित्व में है। सलीम ने कहा कि धोखाधड़ी वाले लेनदेन के बारे में पता नहीं था। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन के अनुसार यह खाता डिजिटल अरेस्ट स्कैम में शामिल नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें पैसे म्यूल बैंक खातों के माध्यम से भेजे जा रहे थे।
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पुलिस उपायुक्त शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली शिकायतों की जांच के दौरान कई संदिग्ध लेनदेन एक आईसीआईसीआई बैंक खाते से जुड़े मिले। जांच में पता चला कि यह खाता डिजिटल अरेस्ट स्कैम के शिकार लोगों से ठगी की गई रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

पहले पुलिस ने भेजा नोटिस, फिर कार्रवाई : खाता सलीम जावेद-रूल द रोल्स सिंस 1960 नामक कंपनी के नाम पर पंजीकृत है, जो खान मार्केट, नई दिल्ली से संचालित हो रही थी। 2020 से पहले आरोपी अपने व्यवसाय को प्रसिद्ध ब्रांड ‘खान चाचा’ के तहत चला रहे थे, जिसे उनके पिता हाजी बांदा हसन ने स्थापित किया था। 2020 में, उन्होंने नया ब्रांड लॉन्च किया था।

आगे जांच में पता चला कि खाते से जुड़ी 21 शिकायतें मिलीं हैं। इनके बैंक खाते में लगभग 3.3 करोड़ की ठगी की रकम आई थी। पुलिस ने कहा कि यह खाता साइबर फ्रॉड की रकम प्राप्त करने और उसे आगे भेजने के लिए म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। 

पुलिस उपायुक्त शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान खाता मालिकों का पता लगाया और उन्हें नोटिस दिया। पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह खाता अपने रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसाय के लिए खोला था, वित्तीय कठिनाइयों के कारण अन्य लोगों को कमीशन के बदले खाते का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।

आरोपी ने पुलिस को अपने सहयोगी हरविंदर कोहली का नाम बताया, जिसने बाद में उन्हें नसीम और संदीप द्विवेदी से मिलवाया। इन लोगों ने उन्हें 2-3 प्रतिशत  कमीशन का ऑफर दिया ताकि उनका बैंक खाता पैसे भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। ऑफर से प्रेरित होकर, आरोपी ने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते का विवरण साझा किया और धोखाधड़ी वाले लेनदेन में मदद की। 

खाते में 54 लाख आए और दूसरे खातों में गए
पुलिस ने कहा कि जांच में पता चला कि खाता में लगभग 54 लाख रुपये जमा किए गए और फिर अन्य खातों में स्थानांतरित हुए। आरोपियों ने कुछ चैट भी हटा दी थी, लेकिन जांच के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत बरामद किए गए। आरोपी जावेद को बाकी साइबर फ्रॉड गिरोह के सदस्यों का पता लगाने के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।

जांच के दौरान दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड भी बरामद किए गए। इन्हें बैंक खाता विवरण के साथ भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ साझा किया जा रहा है ताकि देश भर में चल रही जांच और समान शिकायतों के साथ मिलान किया जा सके। पुलिस ने कहा कि कोहली, नसीम और द्विवेदी की साजिश में भूमिका की जांच की जा रही है और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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