जाट आरक्षण की चिंगारी ने गुड़गांव को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जाट आंदोलनकारियों ने शनिवार को पूरे शहर को बंधक बना लिया। लोग जिधर से भी निकलने की कोशिश करते उन्हें वहीं पर जाम लगा मिलता।
जाट आंदोलनकारी प्रदर्शन करते मिलते। वह किसी की भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। यहां तक कि मरीजों और महिलाओं की भी नहीं।
नाहरपुर रूपा के पास एक्सप्रेस वे की सर्विस लेन जाम करने की कोशिश कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने लाठी फटकार कर भगा दिया। पुलिस आयुक्त ने वहां लाठी चार्ज से इंकार किया है।
जिला प्रशासन ने दोपहर बाद धारा 144 लागू कर दी। इसके बाबजूद कई स्थानों पर हालात बेकाबू रहे। पातली में आंदोलनकारी ट्रेन रोकने के लिए ट्रैक पर बैठ गए।
आंदोलनकारियों ने सुबह 4:00 बजे से ही बसई रोड को जाम कर दिया। वहां आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया था। इसके बाद दौलताबाद फ्लाईओवर और सेक्टर-4/7 चौक को प्रदर्शनकारियों ने पूरी तरह से जाम कर दिया।
सेक्टर-4/7 चौक के जाम होने से न्यू रेलवे रोड, ओल्ड रेलवे रोड, रेलवे स्टेशन रोड और सेक्टर-9 रोड पर आवागमन थमा रहा।
शीतला माता मंदिर से पालम विहार होते हुए दिल्ली जाने वाली सड़क पर अशोक विहार के पास एक चौक पर पहले आंदोलनकारियों ने ट्रॉली से मिट्टी गिराई। उसके बाद बाइक व गाड़ियों से रास्ता रोक दिया।
दौलताबाद, बजघेड़ा, चौमा, बसई, सराय आलावर्दी, राजेन्द्रापार्क, धनवापुर, सुभाष चौक और सोहना रोड पर भी हालात बेकाबू रहे।
बादशाहरपुर, सोहना और पटौदी की ओर से गुड़गांव होते हुए दिल्ली जाने वाले परेशान रहे। सुभाष चौक के पास काफी मिन्नत के बाद भी एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया गया।
जहां-जहां भी सड़क को जाम किया गया था वहां-वहां पुलिस सिर्फ मूक दर्शक बन तमाशा देख रही थी। इफ्को चौक पर भी ट्रैफिक जाम रहा।
गलियों में भी गाड़ी खड़ी कर लगाया जाम
आंदोलनकारियों ने किस कदर आम आदमी को बेबस कर दिया था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गलियों में गाड़ी खड़ी कर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया। विरोध करने पर लोगों के साथ अभद्रता भी की गई।
सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
आंदोलन के कारण सड़कों पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल और कॉलेज बंद रहे। दिल्ली-गुडग़ांव रोड जो वाहनों की आवाजाही से भरपूर रहता है वह भी सूना नजर आया। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे पर भी कहीं आंदोलनकारी न घुस जाएं इसके लिए वहां लगातार पेट्रोलिंग होती रही।
जाट आरक्षण मामले की आंच तावडू़ पहुंची
जाट आरक्षण मामले की आंच तावडू़ तक पहुंच गई है। शनिवार को करीब 11 बजे जाट समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर कलवाड़ी पुलिस नाके पर जाम लगाकर तावडू़- बिलासपुर-कुलाना सड़क को अवरूद्ध कर दिया।
सूचना मिलते ही तावड़ू थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को शांत कर जाम खुलवा दिया। जाम आधे घंटे में ही खोल दिया गया।
वहीं शनिवार को दोपहर डेढ बजे के करीब तावड़ू-रेवाड़ी सड़क पर डिढारा मोड के पास जाटो ने आरक्षण को लेकर जाम लगा दिया।
जिसकी वजह से यह मार्ग कुछ देर के लिए अवरूद्ध हो गया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस यह जाम खुलाया। जिससे वाहनों की लंबी कतारे लग गई।
जाम के चलते वाहन चालकों व आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के जाट बाहुल्य गांवों के ग्रामीणों की बैठकों में आक्रोश को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
तावड़ू उपपुलिस अधीक्षक सुमेर सिंह यादव, तहसीलदार विजय सिंह यादव, एसडीएम नूंह पुलिस टीम के साथ तावडू़-बिलासपुर-कुलाना सड़क पर कलवाड़ी नाके पर पहुंचकर जमे रहे ताकि आमजन व वाहन चालकों को कोई परेशानी न हो।
तावड़ू व बिलासपुर के साथ लगते करीबन 22 गांवों के जाट समुदाय के लोगों ने शनिवार को 10 बजे गांव पथरेड़ी बस स्टैंड के पास एकत्रित होकर महापंचायत की। महापंचायत की अध्यक्षता मांगेराम सहरावत ने की।
पंचायत में 41 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है, जो आरक्षण मुद्दे पर आगामी रणनीति तय करेगी। पंचायत में सर्वसम्मति से आरक्षण की मांग करते समय शहीद हुए लोगों के परिजनों में से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी व पचास हजार रूपये मुआवजा देने की मांग के साथ साथ आरक्षण की मांग करते समय घायलों को मुआवजा व मुफ्त इलाज करने की मांग की।
वह विशेष सत्र बुलाकर आरक्षण संबंधित मांग पर मौहर लगाने की मांग की। पंचायत की और से पाटौदी एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर एक मांग पत्र एसडीएम नहीं मिलने के कारण तहसीलदार के माध्यम से सीएम के नाम दिया गया।
नाराज लोगों ने पथरेहड़ी अडडे पर भी जाम लगा दिया। नाराज लोगों ने पुलिस की एक नहीं सुनी। करीबन एक घंटे बाद यह जाम बिलासपुर पुलिस ने खुलवाया।
जाट आरक्षण की आग में सुलगने लगा है पलवल
जाट आरक्षण की आग से पलवल भी सुलगने लगा है। शनिवार को जाट समाज के आंदोलनकारियों ने एनएच-2 सहित कई संपर्क मार्गों पर जाम लगा दिया। हालांकि कुछ समय बाद जाम खोल भी दिया गया, लेकिन अफवाहों का दौर सारा दिन जारी रहा।
जाट आरक्षण समिति द्वारा दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन ने झज्जर के वकीलों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए हड़ताल रखी। प्रशासन ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। वहीं जिला प्रशासन व पुलिस ने फ्लैग मार्च कर शांति बनाए रखने की अपील की।
आरक्षण की मांग को लेकर सुबह ही जाट समाज के लोगों ने गांव पृथला के समीप जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन की तरफ से एसडीएम पलवल सतवीर मान पुलिस बल के साथ पहुचें और समझा-बुझा कर जाम खुलवाया।
जाम लगने के कारण दिल्ली, आगरा, मथुरा, फरीदाबाद जाने वाले लोग जाम में फंसे रहे। संपर्क मार्गों में बहीन गांव व आस-पास के लोगों ने होडल-उटावड़ मार्ग दो घंटे तक बंद रखा।
गुडगांवा-जयपुर रोड पर गांव ककराली व घुघेरा में ग्रामीणों ने घंटो जाम लगाए रखा। बरसात होने पर ग्रामीण खुद ही सड़क खाली कर चले गए। बाद में डीएसपी हैडक्वार्टर मनीष सहगल के नेतृत्व में पुलिस ने रास्ते को साफ कराया।
यहां से निपटते ही पुलिस को होडल में एनएच-2 जाम लगाने की सूचना मिल गई। गांव गढी पट्टी से ट्रैक्टरों में भरकर दर्जनों युवाओं ने आरक्षण की मांग करते हुए व जाम लगा दिया। यहां पहले से ही पुलिस तैनात थी।
प्रदर्शनकारियों की संख्या कम व पुलिस की तादात ज्यादा होने के कारण पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। यहां से लौटने के बाद प्रदर्शकारी कुछ और साथियों को साथ लेकर हसनपुर चौक पर पहुंच गए।
यहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थर डालकर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया। अधिकारियों के समझाने पर बातचीत के लिए प्रदर्शनकारी जाम को खोलकर पंचायत कार्यालय में पहुंच गए जहां अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी थी।
जाटों में सुलग रही है आरक्षण की मांग
जाट आरक्षण को लेकर युवा जाट गुस्से में हैं। प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाली सूचनाएं उनके गुस्से को और भड़का रही हैं।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी है। धरना स्थल पर तो भले ही कम लोग बैठे हुए हैं, लेकिन समिति के सक्रिय सदस्य गुप-चुप तरीके से गांवों में जनसंपर्क अभियान भी चलाए हैं।
जाट समुदाय के युवा व आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी स्थानीय जाट नेताओं की बेरुखी से भी आहत हैं। उनका कहना है कि उनके समुदाय के नेता सभी राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं।
अपने स्वार्थ के लिए वे जाट समुदाय का इस्तेमाल भी करते हैं। समय आने पर उनसे जवाब-तलबी की जाएगी। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान धर्मवीर तेवतिया का कहना है कि सरकार जाटों के सब्र का इम्तिहान न ले।
उनका आंदोलन दबाने के प्रयासों से और भी अधिक उभर कर सामने आएगा। जरूरत पडने पर यहां के जाट भी सड़क व रेल यातायात को पूरी तरह ठप कर देंगे।
खुफिया विभाग व पुलिस सर्तक
जाटों की रेल रोकने की चेतावनी को लेकर पुलिस, सीआईडी, जीआरपी व आरपीएफ पुलिस सतर्क है। खुफिया विभाग जाट समाज के नेताओं व कार्यकर्ताओं से उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी लेने में जुटे रहे।