प्रदेश में जाट आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन पर हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ कड़े सुर में नजर आए।
सख्त हिदायत के लहजे में उन्होंने कहा कि किसी को भी प्रदेश में अशांति और सरकारी संपत्ति को नुकसान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
आंदोलन के नाम पर संपत्ति को नुकसान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि मंत्री गुड़गांव में आयोजित मंडल स्तरीय शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने आए थे।
बतौर मुख्यातिथि पहुंचे कृषि मंत्री ने एक बार फिर जाट आरक्षण की पैरवी करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल भरोसा दिलवा चुके हैं तो जाटों को आरक्षण मिलेगा।
वो इस मामले को लेकर खुद प्रधानमंत्री से जाट नेता के साथ मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मामले को लेकर गंभीर है तथा प्रधान सचिव स्तरीय एक कमेटी का गठन इसी मकसद से किया गया है, जो कि अध्ययन कर रिपोर्ट पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल तो 12 मार्च को ही रिपोर्ट पेश करने की कह रहे थे, मगर पूरे मामले को देखने के लिए कमेटी ने 31 मार्च तक का समय मांगा है।
सांसद राजकुमार सैनी द्वारा जाट मंत्रियों पर आंदोलनकारियों को शह दिए जाने के आरोपों के सवाल को धनखड़ बड़ी ही साफगोई से टाल गए और कहा कि रेलवे ट्रैक या सड़क जाम कर न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर आंदोलन करना गलत है।
अपनी बात रखने का सबको हक है पर मर्यादा में रहकर आंदोलन करें। बता दें कि प्रदेश में आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदेश में कई खाप पंचायत और जाट नेता आंदोलन कर रहे हैं।