कोरोना वायरस के चलते दिल्ली के सभी सात जिलों को लॉकडाउन कर दिया गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार शाम इसका एलान किया। कल छह बजे से दिल्ली में लॉकडाउन लागू होगा और यह 31 मार्च तक लागू रहेगा। सीएम केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली की सारी सीमाएं कल से सील रहेंगी।
-निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई हैं।
-सभी धार्मिक स्थल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
-डीटीसी बसों के संचालन में कटौती की गई।
-राशन और खाने पीने की दुकानें खुली रहेंगी।
-पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, एलपीजी गैस पंप खुले रहेंगे।
-लोग कम से कम घर से बाहर निकलें, पांच से ज्यादा लोगों एक जगह न हों इकट्ठा
-अस्पताल और बिजली के दफ्तर खुले रहेंगे।
केजरीवाल ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि जो इसका उल्लघंन करते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुसार आज रविवार 22 मार्च को देश में जनता कर्फ्यू का लोग पालन कर रहे हैं। इस बीच ठीक 5 बजे दिल्ली वालों ने कोरोना वायरस से लड़ाई में जुटे योद्धाओं को सलाम करने के लिए ताली, थाली और शंख बजाया। 1
कोरोना वायरस के मद्देनजर नोएडा मेट्रो ने सेवाएं स्थगित करने का फैसला लिया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने बताया कि नोएडा मेट्रो 31 मार्च तक नहीं चलेगी। इसके साथ ही बस सेवाएं भी 31 मार्च तक निलंबित रहेंगी।
दिल्ली का दिल कहा जाने वाला कनॉट पलेस का नजारा भी जनता कर्फ्यू के दिन बदल गया। दिल्ली के इतिहास में पहली बार कनॉट प्लेस इतना खाली और सुनसान नजर आया। आम दिनों में यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। रात के वक्त भी यह गुलजार रहता है। आज यहां सिवाय पक्षियों के कुछ नहीं दिख रहा। सभी दुकानें और रेस्त्रां बंद हैं।
लाल किला के बाहर पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता था, लेकिन जनता कर्फ्यू के दिन कुछ ऐसा दिखा वहां का नजारा।
लोगों की भाग दौड़ और भीड़ को दिन-रात झेलने वाला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भी आज बिल्कुल सुनसान दिखा। गिने-चुने कुछ लोग ही अपने सामानों के साथ स्टेशन में नजर आए।
सेंट्रल पार्क का वो इलाका जहां दिनभर टिक टॉकर्स का जमावड़ा लगा रहता था, वह भी आज सुनसान नजर आया।
दिल्ली के सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले चौराहों में मशहूर शास्त्री पार्क चैराहा जो सुबह से लेकर शाम तक जाम से त्रस्त रहता था वह भी आज वीरान नजर आया।
जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार को गाजियाबाद पूर्ण रूप से बंद है। लोनी बॉर्डर के पाइपलाइन रोड पर भी सन्नाटा पसर गया है।
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने भी आज जनता कर्फ्यू का समर्थन किया है। फिलहाल धरनास्थल पर कोई नहीं है, लेकिन लोगों ने एक लिखित सूचना चिपका कर धरना जारी रहने की बात बताई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58(एनएच 58) पर भी जनता कर्फ्यू का साफ असर दिखा। हाइवे इतना सुनसान आज तक कभी नहीं हुआ था, जितना जनता कर्फ्यू के कारण रहा। सड़क पर पुलिस के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा है।
दिल्ली की वसुंधरा एन्क्लेव सोसाइटी में कमेटी ने पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। सुबह दूध और अखबार के बाद मेन गेट बंद कर दिए गए हैं। शनिवार को ही घरों में काम करने और गाड़ियों की साफ-सफाई करने कि लिए आने वालों को मना कर दिया गया था।
लक्ष्मीनगर की जिन गलियों को हमेशा खचाखच भीड़ के लिए जाना जाता है, वो भी आज जनता कर्फ्यू के कारण सुनसान नजर आ रही हैं। इन गलियों में सुबह से कोई भी नजर नहीं आया।
सुबह 9:30 बजे तक कई दवा की दुकानें भी बंद रहीं। हालांकि जरूरी सामान जैसे डेयरी और सब्जियों की दुकानें खुली हैं।
बड़ी-बड़ी सोसायटियों में भी लोगों ने खुद को लॉक डाउन कर लिया है। सोसायटी के गेट को बंद कर दिया गया है। बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं आने दिया जा रहा है।
देश की राजधानी दिल्ली में भी जनता कर्फ्यू का असर दिखाई दे रहा है, सड़कें-बाजार और गलियां सूनी पड़ी हैं। ओपन जिम, पार्क भी खाली हैं। हालांकि कहीं-कहीं दुकानें भी खुली हैं। वहीं, दूध की ऑनलाइन दूध की डिलीवरी हो रही है। उसमें भी सिर्फ एक ही लीटर दूध मिल रहा है। वहीं, दिल्ली पुलिस जनता कर्फ्यू में लोगों को फूल देकर घर से ना निकलने की अपील कर रही है।