जामिया मिल्लिया इस्लामिया की जामा मस्जिद और एसआरके हॉस्टल की मस्जिद में सुबह फज्र की नमाज के दौरान इमामों ने छात्रों से शांति की अपील की, लेकिन नमाज खत्म होते ही करीब 6.00 बजे छात्र एक बार जामिया मिल्लिया के गेट नंबर-6 के बाहर इकट्ठा होने लगे। धीरे-धीरे छात्र और छात्राएं यूनिवर्सिटी के गेट जुट गए। दिन चढ़ते-चढ़ते छात्रों की भीड़ बढ़ती ही चली गई।
सुबह 6.30 बजे :
छात्रों के साथ स्थानीय लोग भी गेट नंबर-6 के बाहर इकट्ठा होने लगे। हाथों में तिरंगा लिए छात्रों व अन्य लोगों ने केंद्र सरकार, भाजपा और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच सड़कों पर मामूली रूप से ट्रैफिक चलता रहा। इक्का-दुक्का वाहन सड़कों से गुजरते रहे। प्रदर्शन में जामिया के अलावा दूसरी जगहों के लोग भी मौके पर आने लगे। देखते ही देखते भीड़ इलाके में बढ़ने लगी।
सुबह 7.00 बजे :
जामिया नगर इलाके में सड़कों पर आम दिनों में स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ होती है, शाहीन बाग, अबुल फजल, ओखला, बटला हाउस, गफ्फार मंजिल, जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय के बाहर बड़ी तादाद में अभिभावक बच्चों को स्कूल में बिठाने के लिए सड़कों पर होते हैं। सोमवार को न कोई स्कूल बस आई और न ही बच्चे स्कूल गए। ज्यादातर नौकरी पेशा लोगों ने भी अपने-अपने दफ्तरों से छुट्टी कर ली।
सुबह 9.00 बजे :
जामिया नगर के यूनिवर्सिटी रोड पर लोगों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं भी नारेबाजी कर रहीं थीं। सभी ने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए थे। ज्यादातर पोस्टरों पर लिखा था कि वह दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हैं। हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई, सरकार अपने काले कानून को वापस ले आदि नारे लगा रहे थे।
सुबह 11.00 बजे :
यूनिवर्सिटी रोड पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की तादाद हजारों में बदल गई। जामिया प्रशासन ने छात्रों और टीचर्स को बातचीत के लिए बुलाया। अंसारी ऑडिटोरियम के पास प्रशासन ने छात्रों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में जामिया शिक्षक संघ भी छात्रों व स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो गया।
दोपहर 1.00 बजे :
जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पुलिस ने दूरी बनाकर रखी, पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में होली फैमिली अस्पताल, सुखदेव विहार औेर जामिया नगर थाने के पास मौजूद रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना था कि छात्र पुलिस को देखकर भड़के नहीं इस वजह से पुलिस को जानबूझकर दूर खड़ा किया गया था।
एक हजार से अधिक पुलिस कर्मियों व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को इकट्ठा कर फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च जामिया नगर थाने से होते हुए ओखला, बटला हाउस से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पहुंचा। यहां स्थानीय लोगों और छात्रों की भारी भीड़ ने फ्लैग मार्च का विरोध किया। नारेबाजी के बीच पुलिस अधिकारियों ने मार्च को वापस थाने जाने का आदेश दिया।
दोपहर 3.00 बजे :
हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। लोग छोटे-छोट समूह बनाकर जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय के गेट नंबर-6 की ओर कूच करने लगी। हाथों में झंडा लिए जमकर नारेबाजी करने लगे। ओखला से लेकर पूरे यूनिवर्सिटी रोड पर पैदल चलते हुए लोग दिखाई दे रहे थे।
शाम करीब 4.00 बजे :
वरिष्ठ पुलिस अधिरियों ने और पुलिस बल बुलाया। यूनिवर्सिटी के सामने नारेबाजी चलती रही। छात्रों व स्थानीय लोगों का कहना था कि जब तक सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी वापस नही लेगी। उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। अंधेरा होने के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा।