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Delhi : स्वदेशी फायर फाइटर ड्रोन तैयार कर रहे हैं जामिया के छात्र, आग बुझाने के लिए होगा कैमिकल का इस्तेमाल

Mon, 03 Mar 2025 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा ललित कौशिक, नई दिल्ली

सार

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र स्वदेशी फायर फाइटर ड्रोन तैयार कर रहे हैं। ड्रोन बिना मानवीय हस्तक्षेप के संचालित होगा। यह खुद हीट मैप तैयार कर संबंधित क्षेत्र में जाकर आग बुझाएगा। ड्रोन का इस्तेमाल भविष्य में रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्र में करने की तैयारी है।
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demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र स्वदेशी फायर फाइटर ड्रोन तैयार कर रहे हैं। ड्रोन बिना मानवीय हस्तक्षेप के संचालित होगा। यह खुद हीट मैप तैयार कर संबंधित क्षेत्र में जाकर आग बुझाएगा। ड्रोन का इस्तेमाल भविष्य में रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्र में करने की तैयारी है। छात्रों का दावा है कि यह पहला ड्रोन होगा जिसमें आग बुझाने के लिए पानी की जगह केमिकल का इस्तेमाल कर सकेंगे।

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पूरी तरह से होगा ऑटोमेटिक
जामिया के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक थर्ड ईयर के छात्र यह ड्रोन तैयार कर रहे हैं। छात्रा अफाफ सिद्दीकी ने बताया कि यह ड्रोन पूरी तरह से ऑटोमेटिक होगा। ड्रोन को शुरू करने के लिए एक बार कमांड देनी होगी। उसके बाद खुद ड्रोन आग वाले क्षेत्र में जाकर आग बुझाएगा।

खुद हीट मैप करेगा तैयार
ड्रोन बनाने के लिए स्वार्म ड्रोन तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें कई ड्रोन के समूह एक साथ काम करते हैं। ड्रोन को चलाने के लिए किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं होगी। यह आग की स्थिति के हिसाब से खुद काम करेगा। ड्रोन के अंदर बैरोमीटर सेंसर लगाए हैं जो आग वाले क्षेत्र में ऊंचाई मापेंगे। ड्रोन आग वाले क्षेत्र का हीट मैप खुद तैयार करेगा। इससे आग की गंभीरता के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
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कंप्यूटर से होगी ड्रोन की निगरानी
कंप्यूटर से ड्रोन की पूरी स्थिति की निगरानी होगी। ड्रोन में चार बीएलडीसी मोटर लगाई गई हैं। ड्रोन के ब्रेन में फ्लाई कंट्रोलर लगाया है। अभी ड्रोन को रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाली आग के लिए तैयार किया जा रहा है।

पानी की जगह केमिकल से बुझेगी आग
छात्र विकास ने बताया कि यह ऐसा पहला ड्रोन होगा जो आग बुझाने के लिए पानी की जगह केमिकल का इस्तेमाल करेगा। ड्रोन अपने साथ एक बार में पांच से छह किलोग्राम केमिकल ले जा सकेगा। पिछले छह महीने से फायर फाइटर ड्रोन तैयार करने में जुटे हैं। करीब 60 फीसदी ड्रोन बनकर तैयार हो चुका है। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

ड्रोन के मॉडल को मिला पहला खिताब
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एसएम मुजक्किर के नेतृत्व में यह ड्रोन तैयार किया जा रहा है। करीब पांच लोगों की टीम ड्रोन तैयार करने में जुटी है। जिसमें अमान हसन फारूकी, मोहम्मद साहिल खान, विवेक कुमार दास भी शामिल हैं। पिछले माह फरवरी में जम्मू स्थित आईआईटी में इनोवेशन, डिजाइन और उद्यमिता बूटकैंप प्रतियोगिता में ड्रोन को बिजनेस मॉडल श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला था। इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 40 टीमें शामिल हुई थीं।

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