सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर के आमिर ने अपने काम के बारे में बताया कि भारत में वायु प्रदूषण बड़ी समस्या है और इसका हल सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही हैं। लेकिन चार्जिंग की सुविधा न होने की वजह से यहां ये वाहन यहां सफल नहीं हो पाते। उन्होंने बताया कि उनका यही लक्ष्य है कि चार्जिंग की सुविधाओं का विकास करूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करना शुरू कर सकें।
उन्होंने बताया कि आमिर का एडमिशन कराने के लिए उन्हें बैंक से लोन लेना पड़ा। मूल रूप से यूपी के मेरठ जिला के रहने वाले आमिर के पिता ने बताया कि बेटे की उपलब्धि से पूरा परिवार बेहद खुश है। वह भी यही चाहते हैं कि बेटा अमेरिका से वापस आकर अपने देश की सेवा करे। ईद के मौके पर आयी इस खुशी के बारे में वह कहते हैं कि हमारी तो बहुत अच्छी ईद मन गई।