जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के निलंबन के विरोध में दूसरे छात्रों ने सोमवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया। बिना छात्रों के कक्षाएं खाली रहीं। निलंबित छात्रों के समर्थन में जामिया परिसर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के बैनर तले मार्च भी निकाला गया। साथ ही छात्रों का निलंबन वापस लेने सहित दूसरी मांगों को लेकर डीन छात्र कल्याण को ज्ञापन भी सौंपा।
छात्रों को दिसंबर में प्रदर्शन करने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। छात्रों के जवाब से असंतुष्ट होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था, जिसके विरोध में छात्रों ने फरवरी में दोबारा से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। फिर 13 फरवरी को छात्रों को धरना स्थल से हटवा दिया गया, जिसके बाद से लगातार विरोध दर्ज कराए रहे हैं।
एसएफआई जामिया की अध्यक्ष सखी ने कहा कि निलंबित छात्रों की मांगों को लेकर उन्हें पूरा समर्थन है। छात्रों का बहिष्कार पूरी तरह से सफल रहा। छात्रों का निलंबन वापस लिया जाए। उन पर दर्ज हुए मुकदमे को वापस लें और अनुशासनात्मक समिति की कार्यवाही रद्द की जाए।
सांसद ने जामिया प्रशासन को लिखा पत्र
बिहार के लोकसभा सांसद राजा राम सिंह ने निलंबित छात्रों के समर्थन में जामिया वीसी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई और दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। साथ ही चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग भी की है। पत्र में सांसद ने छात्रों के निलंबन को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है।
प्रशासन को दिया 48 घंटे का समय
निलंबन वापस लेने को लेकर छात्रों ने जामिया प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया है। अगर इस बीच प्रशासन ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह प्रदर्शन जारी रखेंगे। निलंबित छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाने वाले छात्रों ने दावा किया कि सभी विभागों की कक्षाओं के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश है कि वह 17 छात्रों का निलंबन वापस ले। वहीं कुछ छात्रों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर भी विरोध दर्ज कराया।