आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी पूर्व छात्रों के सहयोग से विश्वविद्यालय के विकास कार्य होंगे। संस्थान ने मुशीरुल हसन इंडाउमेंट फंड(अक्षयनिधि) की स्थापना की है। इसके संचालन के लिए नौ सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है।
इसी इंडाउमेंट फंड में मशहूर इतिहासकार और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व कुलपति (स्वर्गीय) मुशीरुल हसन के परिवार ने डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि दी है। पूर्व कुलपति की पत्नी जोया हसन ने यह धनराशि जमा करवायी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें लिखा है कि मुशीरुल हसन अक्षयनिधि का गठन किया गया है। कुलपति प्रो. नजमा अख्तर इस कमेटी की अध्यक्ष और रजिस्ट्रार समिति के संयोजक होंगे। वहीं, जोया हसन भी इस समिति की सदस्य रहेंगी। नवगठित समिति का कार्यकाल फिलहाल दो वर्ष का रहेगा।
मुशीरुल हसन अक्षयनिधि का उपयोग वार्षिक मुशीरुल हासिल पोस्ट डॉक्टोरल फ़ेलोशिप, दो स्नातकोत्तर मेरिट कम मीन्स मुशीरुल हसन स्कालरशिप के लिए किया जाएगा। इसके अलावा इस निधि का उपयोग वार्षिक मुशीरुल हसन सेमिनार, इतिहास, समाज और भारतीय राजनीति पर आधारित सेमिनार करवाने पर होगा।