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जामिया का बड़ा फैसला: छात्र संघ संविधान को मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश, चुनाव कराए जाने की समयसीमा भी बताई

Thu, 29 Oct 2026 10:25 PM IST
Akash Dubey आईएएनएस, दिल्ली

सार

जामिया प्रशासन ने छात्र संघ संविधान 15 मई, 2027 तक पूरा करने और फिर छह सप्ताह में चुनाव कराने का निर्देश दिया। कार्रवाई रद होने पर छात्रों ने भूख हड़ताल समाप्त की।

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जामिया में छात्रों का जश्न - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच जामिया प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने छात्रसंघ के संविधान को 15 मई 2027 तक मंजूरी देकर लागू करने का निर्देश दिया है। जामिया में अगले वर्ष जुलाई में नया सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के अंदर चुनाव होंगे। इस संबंध में जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. एम. महताब आलम रिजवी ने आदेश जारी किया। 

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जामिया रजिस्ट्रार खुद छात्रों के भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचे और जामिया अधिकारियों द्वारा आदेश से जुड़े फैसले सुनाए गए।  भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को जूस पिलाने का वीडियो भी सामने आया। हालांकि बीते सोमवार रात को भी कैंपस में इस तरह का नजारा सामने आया था। लेकिन चार छात्रों में से जसीम और रेहान हैदर ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी। जबकि रेहान खान और एबिन ने भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया था। जिसके बाद भूख हड़ताल से तीन छात्र रितिक, अल्ताफ और अबुजर भी जुड़ गए। 

बृहस्पतिवार को रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश के अनुसार लिंगदोह समिति की सिफारिशों और दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। चुनाव शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर होगा। छात्रसंघ संविधान को मंजूरी देने और लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। चुनाव के लिए जामिया ने 16 जुलाई 2027 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह की समयसीमा तय की है। 
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अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी वापस
जामिया प्रशासन ने आंदोलन की अवधि के दौरान प्रदर्शन में भाग लेने के संबंध में जारी सभी कारण बताओ नोटिस, अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन, निलंबन और परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश वापस लेने का निर्देश दिया है।  यह फैसला भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और उनके प्रतिनिधियों की ओर से सौंपे गए अनुरोध पत्र पर विचार करने के बाद लिया गया है। बता दें कि जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। जामिया में वर्ष 2006 के बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।

तीन प्रमुख मांगें स्वीकारीं
एक छात्र ने बताया कि विश्वविद्यालय ने उनकी तीन प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। पहली मांग के तहत, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ संविधान का अनुमोदन और कार्यान्वयन 15 मई, 2027 तक पूरा होगा। दूसरी मांग के अनुसार, चुनाव शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर, लगभग 16 जुलाई, 2027 से छह सप्ताह में होंगे। तीसरी मांग में विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाई रद करने की बात शामिल है। इन घोषणाओं के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।

 

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