जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने महात्मा गांधी की 15वीं जयंती पर अपने कैंपस में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस तरह से यह परिसर प्लास्टिक मुक्त घोषित हो गया है। परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। जामिया प्रशासन ने इन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने केलिए कहा है।
जामिया की कुलपति प्रो नज्मा अख्तर ने बुधवार को सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। उन्होंने जामिया स्टॉफ और छात्रों को शपथ दिलाई कि वह प्लास्टिक की वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने इसके लिए दूसरों को भी जागरूक करने को कहा है। इसकी बजाए प्लास्टिक से बेहतर विकल्पों पर गौर करने के लिए कहा।
उन्होंने सभी को एक दूसरे को याद दिलाने के लिए कहा कि परिसर में सिंगल यूज प्लास्टकिं पर प्रतिबंध लग चुका है। इस तरह से बुधवार से जामिया परिसर में बोतल, कप, ग्लास, पालिथीन बैग और 50 माइक्रान से कम प्लास्टिक वाली वस्तुएं प्लास्टिक प्लेट्स, कप और स्ट्रा प्रतिबंधित हो गए हैं। इसकेसाथ ही स्टाइरोफोम(थर्माकोल) से बनी प्लेट, कटलरी व सजावटी सामान का उपयोग भी नहीं होगा।
प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने के तहत जामिया के सभी हॉस्टलों, कम्युनिटी सेंटर, कैंटीन, दुकानों व कॉफी हाउस को सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं को इस्तेमाल नहीं करने का आदेश जारी किया जा चुका है। इसके बाद जामिया के रजिस्ट्रार एपी सिद्दीक़ी केसाथ अध्यापकों व छात्रों ने परिसर में सफाई कर स्वच्छता अभियान चलाया। इस अवसर पर कुलपति ने एनएसएस और एनसीसी के वालंटियर्स और अन्य छात्रों के समूहों को परिसर की आसपास की बस्तियों में सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करने व स्वच्छता रखने का संदेश देने के लिए रवाना किया।
महात्मा गांधी पर प्रदर्शनी लगाई गई
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की डॉ जाकिर हुसैन लाइब्रेरी में महात्मा गांधी पर आधारित एक प्रदर्शनी की शुरुआत बुधवार को हुई। इसमें जामिया के संस्थापकों में से एक डा एम.ए् अंसारी को गांधीजी की तरफ से अंग्रेजी और उर्दू में लिखे गए पत्र भी प्रदर्शित किए गए। इसकेअलावा विश्वविद्यालय को स्थापित करने से जुड़े अन्य लोगों को गांधीजी की ओर से लिखे गए पत्रों व दुर्लभ तस्वीरों, राष्ट्रपिता पर लिखी गई पुस्तकों को भी दर्शाया गया है। यह प्रदर्शनी 12 अक्तूबर तक चलेगी।