जेवर के ही रहने वाले रिश्तेदार ने अपने साले से नाबालिग को एक तमंचा दिलवाने के लिए कहा था। रिश्तेदार के साले ने नाबालिग को अजीत की जानकारी दी थी। बातचीत के बाद नाबालिग तमंचा लेने के लिए सहजपुरा पहुंच गया। वहां उसने 10 हजार रुपये देकर अजीत से तमंचा लिया और जेवर आ गया था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अजीत ने खुलासा किया है कि उसने तमंचा इधर-उधर घूमने वाले बंजारों से पांच हजार रुपये में खरीदा था। अजीत का कहना था कि रात को खेतों में आने वाले जंगली जानकारों से सुरक्षा के लिए वह तमंचे को अपने खेतों में छुपाकर रखता था। पुलिस नाबालिग के रिश्तेदार व उसके साले से भी पूछताछ कर रही है।
शरजील इमाम के बयानों से भड़क गया था नाबालिग
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग ने खुलासा किया है कि वह पिछले कुछ दिनों से चल रहे हालात को देखकर खासा परेशान था। इस बीच शरजील इमाम के बयान भी सामने आए तो उससे रहा नहीं गया। उसने अपनी जान की बाजी लगाकर कुछ करने की ठान ली। इसी के तहत उसने तमंचा खरीदकर प्रदर्शन स्थल पर गोली चलाने का मन बनाया। शादी में जाने के लिए परिजनों ने उसे कपड़े खरीदने के लिए रुपये दिए थे, लेकिन उनसे वह तमंचा खरीदकर ले गया। नाबालिग ने बताया कि वह सीधे गोली नहीं चलाना चाहता था। गोली चलाकर बस डर फैलाना चाहता था। जैसे ही भीड़ उसकी ओर बढ़ी उसने सामने की ओर तमंचा कर गोली चला दी।