जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी का आरोप है कि जो छात्र सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे उनके परिवारवालों को पुलिस झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रही है। छात्रों का दावा है कि पुलिस उन पर गलत आरोप लगाकर प्रदर्शन खत्म करने की धमकी देती है। पुलिस दावा करती है कि जेसीसी की बैठक की हर जानकारी उनके पास है। कमेटी ने बताया कि यहां कुछ ऐसे लोग पुलिस से मिले हुए हैं जो जेसीसी की बैठकों की तस्वीरें उन्हें भेजा करते हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि पूरे प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग हो रही है। इस तरह का कार्य किसी पुलिसकर्मी द्वारा नहीं किया गया है। जो छात्र बेहोश हुए हैं वह भगदड़ की वजह से हुए हैं। छात्र ही भगदड़ मचा रहे थे।