दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर तबाही फैलाने के बाद जैश-ए-मोहम्मद के गिरफ्तार आतंकियों अब्दुल लातिफ और हिलाल अहमद बट यूपी की साजिश अयोध्या में विवादित ढांचे और आसपास के इलाके में आतंकी हमला करने की थी। हमला भीड़भाड़ वालों इलाकों में ग्रेनेड से किया जाना था। ये दिल्ली के तुर्कमान गेट में स्थित हाजी मंजिल को ग्रेनेड फेंककर उड़ाना चाहते थे। लातिफ ने इन दोनों जगहों की रेकी कर ली थी। उसने इनका वीडियो और फोटो पाक अधिकृत कश्मीर में बैठे पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर उर्फ अबू माश को भेजे थे। ये फोटो और वीडियो पुलिस कोे इनके मोबाइल से मिले हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब्दुल लातिफ रेकी करने बाबरी मजिस्द गया था। तुर्कमान गेट में स्थित हाजी मंजिल में देशभर से हज के लिए जाने वाले मुस्लिम कुछ दिन के लिए ठहरते हैं। लातिफ ने खुलासा किया है कि इन जगहों पर हमला कर वे यह प्रचार करना चाहते थे कि भारत में मुस्लिमों पर हमले हो रहे हैं। इनकी मंशा देश में सांप्रदायिक दंगे फैलाने की थी। साथ ही दिल्ली सचिवालय और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में स्थित आईजीएल की गैस पाइनलाइन भी इनके निशाने पर थी। इन्होंने इन जगहों की भी रेकी कर ली थी। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देवबंद का एक युवक अब्दुल लातिफ के संपर्क में था। उसने उसे भी आतंकी बना दिया था। वह भी वारदात के लिए तैयार हो गया था। इस युवक ने जम्मू-कश्मीर में अब्दुल लातिफ के साथ ही मुफ्ती का कोर्स किया था। अब वह देवबंद में ही मुफ्ती का एडवांस कोर्स कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपर सेल दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हैं। ये अब्दुल लातिफ की सहायता कर रहे थे। दिल्ली में लातिफ को मकान स्लीपर सेल ने ही दिलवाया था। लातिफ जम्मू-कश्मीर से छह दिसंबर को फिर से दिल्ली आया था। वह श्रीनगर बस से पहुंचा था और ट्रेन से दिल्ली आया था। दिल्ली में आकर शुरू में वह वजीराबाद में किराए पर रहा था। उसके बाद जनवरी के पहले सप्ताह में लक्ष्मी नगर में रहने आ गया था।