आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस (आईएसकेपी) से जुड़े गिरफ्तार दंपती जहांजेब सामी और उसकी पत्नी हिना बशीर बेग के मामले में नया खुलासा हुआ है। स्पेशल सेल को इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि जहांजेब सामी अफगानिस्तान जा चुका है। वह करीब तीन महीने वहां रहा था।
उधर, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये इसलिए दिल्ली आए थे, क्योंकि वहां इंटरनेट बंद हो गया था। ये सोशल मीडिया के जरिये ही एक खास समुदाय के युवाओं को आईएसकेपी में भर्ती कर रहे थे।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जहांजेब सामी वर्ष 2017 में दुबई गया था। जांच में पता चला है कि दुबई में इसने फर्जी कागजात बनवाए और अफगानिस्तान चला गया था। वह वहां करीब तीन महीने रहा था।
पुलिस की पूछताछ के दौरान जहांजेब सामी ने स्वीकार किया कि वह दुबई गया था। उसने कहा कि वहां वह बीमार हो गया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर वापस आ गया था। अब स्पेशल सेल उसके अफगानिस्तान जाने के सबूत जुटा रही है। माना जा रहा है कि यह अफगानिस्तान के खोरासन प्रांत में रहा था और वहीं आईएसकेपी के आकाओं के संपर्क में आया था।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जहांजेब सामी वर्ष 2017 में ही आईएसकेपी से जुड़ा था। पुलिस जहांजेब के लैपटॉप व दंपती के दोनों मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है। अब इसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस जानना चाहती है कि इन्होंने कितने युवाओं से बात की थी और दिल्ली में किन-किन लोगों से संपर्क साधा था। आईएसकेपी से कब संपर्क साधा और क्या-क्या बातें कीं। ये युवाओं को जिहादी बनने के लिए उकसाते थे।