दशहरा से पहले बाहरी दिल्ली के लोगों को जहांगीरपुरी से समयपुर बादली लाइन पर सफर का तोहफा मिल सकता है। क्योंकि मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर इस लाइन पर करीब 4.48 किलोमीटर ट्रैक का 12 से 13 अक्तूबर को निरीक्षण करेंगे।
दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान मोड़, झुकाव, स्पीड समेत सुरक्षा आदि मानकों की जांच की जाएगी। जांच में सब कुछ सही पाए जाने पर दिल्ली मेट्रो को सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के मिलने के बाद मेट्रो ट्रेन जनता के लिए खुल जाएगी।
दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाली जहांगीरपुरी से हुड्डा सिटी सेंटर के बीच चलने वाली यलो लाइन विस्तार के तहत जहांगीरपुरी से रोहिणी सेक्टर 18 के बीच नया ट्रैक बनाया गया है।
इस ट्रैक का सबसे अधिक फायदा बाहरी दिल्ली, रोहिणी समेत बार्डर पर रहने वाले लोगों को होगा। क्योंकि इसी मेट्रो ट्रेन से जुड़कर वे दिल्ली समेत एनसीआर से सीधे जुड़ सकेंगे। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने 3 जुलाई को इस ट्रैक का निर्माण पूरा होने पर ट्रायल ट्रेन चलायी थी। ट्रैक के शुरू होने से करीब 70 से एक लाख नए यात्री जुड़ेंगे।
आर्ट वर्क से रूबरू होंगे यात्री
इस छोटे से ट्रैक पर यात्रियों को तीव्र मोड़ में जहां ट्रेन के एकदम धीमे होने के बाद तेजी का अनुभव मिलेगा तो दूसरी ओर मेट्रो स्टेशन पर आर्ट वर्क भी दिखेगा। यलो लाइन में अभी तक वैसे आर्ट वर्क नहीं किया गया है। मेट्रो स्टेशन के बाहर व ऐलिवेटड ट्रेक समेत पिलर पर पीले रंग से यलो लाइन का डिफरेंट लुक दिया जा रहा है।
डबल डेकर स्टेशन भी होगा खास
जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन से अगला स्टेशन हैदरपुर होगा। ऐलिवेटेड मेट्रो स्टेशन को इस ढंग से तैयार किया है, ताकि मेट्रो फेज चार के तहत आने वाली लाइन इसी स्टेशन के ऊपरी हिस्से से गुजरे। हैदरपुर मेट्रो स्टेशन देश का पहला डबल डेकर मेट्रो स्टेशन होगा।
तीसरे तल में कॉनकोर्स लेबल तो चौथे में जहांगीरपुरी लाइन का हैदरपुर मेट्रो स्टेशन होगा और पांचवें तल में फेज चार के तहत आने वाली लाइन का प्लेटफार्म बनाया गया है। अभी तक इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन में दूसरी लाइन आसपास से गुजरती हैं, लेकिन इस स्टेशन में एक प्लेटफार्म के ठीक ऊ पर उसी सीध में दूसरी ट्रेन का प्लेटफार्म होगा।
सिगनल फ्री कॉरिडोर के ऊपर दौड़ेगी मेट्रो
स्टील स्पैन से बाधा दूर
डीएमआरसी के सामने छोटे से ट्रैक में आठ तीव्र मोड़, अंबाला-दिल्ली उत्तर रेलवे का बिजी ट्रैक व रिंग रोड के ट्रैफिक को बाधित किए बगैर सड़क से ट्रैक लाइन को पार करवाना सबसे बड़ी चुनौती था, जिसे आधुनिक तकनीक से दूर किया गया। जहांगीरपुरी से हैदरपुर मेट्रो स्टेशन के बीच अंबाला रेलवे का बिजी ट्रैक था। डीएमआरसी इंजीनियर ने आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए ट्रैक के आमने-सामने मेट्रो पिलर की 45 मीटर दूरी पर ट्रैक बिछाने केलिए स्टील स्पैन प्रयोग किया।
इस ट्रैक पर अगली बड़ी चुनौती रिंग रोड को पार करना था। क्योंकि यहां मकबरा चौक से बजीराबाद के बीच सिगनल फ्री ऐलिवेटेड कॉरिडोर बन रहा है। बिजी ट्रैफिक व ऐलिवेटेड कॉरिडोर के बीच में आने से मेट्रो इंजीनियर ने पीडब्ल्यूडी की दिक्कत भी एक झटके से दूर कर दी है।
डीएमआरसी ने यहां एक पिलर बनाया है, जिसके ऊपर ऐलिवेटेड सिगनल फ्री कॉरिडोर गुजरेगा और उसके ऊपर मेट्रो। यहां भी रिंग रोड के ट्रैफिक को प्रभावित किए बिना स्टील स्पैन का प्रयोग किया गया है। रिंग रोड से मेट्रो ट्रैक की ऊंचाई कुल 16 मीटर होगी। जबकि ऐलिवेटेड सिगनल फ्री कॉरिडोर से मेट्रो टेक के बीच की दूरी साढ़े पांच मीटर से अधिक होगी।
बादली मोड़ नहीं अब हैदरपुर कहें
दिल्ली सरकार के निर्देश पर डीएमआरसी ने बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर हैदरपुर रख दिया है। हालांकि स्टेशन का नाम बदलने का बादली मोड़ गांव के लोगों ने काफी विरोध भी किया था।