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Delhi: खालिस्तानी गतिविधियां बढ़ाने की दी गई थी जगजीत को जिम्मेदारी, कनाडा में बैठे डल्ला के संपर्क में था वह

Tue, 17 Jan 2023 05:41 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

खालिस्तानी आतंकी जगजीत सिंह ने खुलासा किया है कि कनाडा में बैठे अर्शदीप डल्ला ने उसे भारत में टारगेट किलिंग के अलावा खालिस्तानी नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी भी दी थी। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इनकी मदद कर रही थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस से पूर्व दिल्ली से गिरफ्तार किए गए खालिस्तानी और हरकत-उल-अंसार के दो कथित आतंकियों से पूछताछ के दौरान नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में खालिस्तानी आतंकी जगजीत सिंह ने खुलासा किया है कि कनाडा में बैठे अर्शदीप डल्ला ने उसे भारत में टारगेट किलिंग के अलावा खालिस्तानी नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी भी दी थी। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इनकी मदद कर रही थी। लश्कर-ए-तैयबा और हरकल-उल-अंसार जैसे आतंकी संगठनों को दोनों की मदद करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जगजीत और नौशाद को नेटवर्क बढ़ाने के लिए भरोसे के गैंगस्टरों को इकट्ठा करने के लिए कहा गया था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सबसे पहले दोनों को पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ हिंदू नेताओं की हत्या करने के लिए कहा गया था।

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इसके लिए जगजीत व नौशाद ने कुछ लोगों की रेकी भी कर ली थी। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि 26 जनवरी के बाद इन लोगों को योजना के तहत टारगेट किलिंग को अंजाम देना था। पुलिस को पता चला है कि आरोपी सुहेल नामक एक कथित आतंकी से मिला था। सुहेल वर्ष 2018 में खुफिया तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां वह अपने आईएसआई के आकाओं के संपर्क में रहा। नौशाद अप्रैल 2022 में जब जेल से बाहर आया तो इसकी मुलाकात सुहेल से हुई। सूत्रों का कहना है कि सुहेल ही इनकी मदद कर रहा था। दोनों की गिरफ्तारी के समय जगजीत और नौशाद के पास से तीन तमंचे और 22 कारतूस के अलावा दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि टारगेट किलिंग के बाद नौशाद और जगजीत को हवाला के जरिये करोड़ों रुपये मिलने वाले थे। आरोपियों ने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए जब एक युवक की हत्या कर उसका वीडियो अपने आकाओं को भेजा तो इनके खाते में छह लाख रुपये आए थे।
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मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने राजकुमार नामक युवक की हत्या की। युवक से दोस्ती करने के बाद उसे धोखे से कमरे पर बुलाया, बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शव के टुकड़े करने के बाद उसका वीडियो बनाकर अपने आकाओं को पाकिस्तान और कनाडा भेज दिया। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीम ने शव की शिनाख्त के लिए राजकुमार के परिवार का पता लगाकर उसके भाई को बुलाया था, लेकिन उसके भाई ने शव देखकर उसके अपने भाई होने की बात से इंकार कर दिया है। वहीं दो और परिवार पुलिस के संपर्क में हैं। 

हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आतंकियों के पास से बरामद हैंड ग्रेनेड को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इनको डिफ्यूज कर दिया जाएगा। दोनों को यह कहां से मिले, फिलहाल उसकी पड़ताल की जा रही है। इन दोनों हैंड ग्रेनेड का इनको कहां इस्तेमाल करना था, इसका भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस नौशाद और जगजीत से पूछताछ कर दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और यूपी में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
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