इसके लिए जगजीत व नौशाद ने कुछ लोगों की रेकी भी कर ली थी। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि 26 जनवरी के बाद इन लोगों को योजना के तहत टारगेट किलिंग को अंजाम देना था। पुलिस को पता चला है कि आरोपी सुहेल नामक एक कथित आतंकी से मिला था। सुहेल वर्ष 2018 में खुफिया तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां वह अपने आईएसआई के आकाओं के संपर्क में रहा। नौशाद अप्रैल 2022 में जब जेल से बाहर आया तो इसकी मुलाकात सुहेल से हुई। सूत्रों का कहना है कि सुहेल ही इनकी मदद कर रहा था। दोनों की गिरफ्तारी के समय जगजीत और नौशाद के पास से तीन तमंचे और 22 कारतूस के अलावा दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि टारगेट किलिंग के बाद नौशाद और जगजीत को हवाला के जरिये करोड़ों रुपये मिलने वाले थे। आरोपियों ने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए जब एक युवक की हत्या कर उसका वीडियो अपने आकाओं को भेजा तो इनके खाते में छह लाख रुपये आए थे।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने राजकुमार नामक युवक की हत्या की। युवक से दोस्ती करने के बाद उसे धोखे से कमरे पर बुलाया, बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शव के टुकड़े करने के बाद उसका वीडियो बनाकर अपने आकाओं को पाकिस्तान और कनाडा भेज दिया। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीम ने शव की शिनाख्त के लिए राजकुमार के परिवार का पता लगाकर उसके भाई को बुलाया था, लेकिन उसके भाई ने शव देखकर उसके अपने भाई होने की बात से इंकार कर दिया है। वहीं दो और परिवार पुलिस के संपर्क में हैं।
हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आतंकियों के पास से बरामद हैंड ग्रेनेड को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इनको डिफ्यूज कर दिया जाएगा। दोनों को यह कहां से मिले, फिलहाल उसकी पड़ताल की जा रही है। इन दोनों हैंड ग्रेनेड का इनको कहां इस्तेमाल करना था, इसका भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस नौशाद और जगजीत से पूछताछ कर दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और यूपी में छापेमारी की तैयारी कर रही है।