पुलिस ने जग्गू पहलवान गैंग के सरगना पांच हजार के इनामी सुरेंद्र उर्फ चिड़िया को दो पिस्टल एवं लूटी गई बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। चिड़िया ने जग्गू हत्याकांड का बदला लेने के लिए छह माह पूर्व कोतवालपुर में ओमी पहलवान एवं पवन की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या की थी।
उसने ढाई माह पूर्व लालबाग में प्रापर्टी डीलर की हत्या तथा 11 वीं कक्षा के छात्र को घायल कर दिया था। चिड़िया ने असलहे खरीदने के लिए ही चार माह पूर्व रूपनगर में बिजली विभाग का 38 लाख रुपया लूटा था। बता दें कि जग्गू पहलवान ने गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी में सुपारी, रंगदारी और हत्याओं से दहशत फैला दी थी।
थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवार शाम खरखड़ी रेलवे फाटक के पास से जग्गू गैंग के सरगना चिड़िया को 32 बोर की देसी पिस्टल एवं बाइक के साथ गिरफ्तार किया है।
यह बाइक उसने दो सप्ताह पूर्व ही दिल्ली से लूटी थी। चिड़िया ने जग्गू हत्याकांड का बदला लेने के लिए अपने भाई सत्ते, साथी यतेंद्र पैंदा एवं हरेंद्र के साथ मिलकर 19 सितंबर 2013 को कोतवालपुर गांव में भोला गैंग के ओमी पहलवान की 9 एमएम पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी।
वारदात के दौरान ओमी पहलवान के साथ बैठे गांव के पवन की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। तभी से चिड़िया फरार था। तीन माह पूर्व एसएसपी ने चिड़िया पर पांच हजार का इनाम घोषित किया था। असलहे खरीदने के लिए चिड़िया ने अपने भाई सत्ते, साथी यतेंद्र पैंदा आदि के साथ मिलकर 20 नवंबर 2013 को रूपनगर में पावर कारपोरेशन की गाड़ी से 38 लाख रुपये लूटे थे।
कुछ दिन पूर्व पुलिस ने उक्त लूट का खुलासा करते हुए सत्ते को गिरफ्तार किया था। भाई की गिरफ्तारी के बाद चिड़िया ने बौखलाहट में 12 जनवरी की शाम लालबाग कालोनी में अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें प्रापर्टी डीलर दीपक रावत की मौत तथा छात्र शिवकुमार गोली लगने से घायल हो गया था। ओमी एवं पवन की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल उसके घर से बरामद किया गया है।
भोला की हत्या है मकसद
चिड़िया का कहना है कि जब तक भोला एवं उसके साथियों को मारकर जग्गू हत्याकांड का बदला नहीं लेगा, वह शांत नहीं बैठेगा।