20 दिनों से मानेसर स्थित सेना के कैंप में रह रहे इटली से लौटे भारतीय नागरिकों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। उन्होंने कैंप में व्याप्त अव्यवस्थाओं, सेना के अधिकारियों के दुर्व्यवहार और घर वापसी की मांग को लेकर धरना दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस से भी लोगों की काफी झड़प हुई। वहीं शाम को आए सेना के अधिकारियों ने लोगों को काफी समझाया-बुझाया। जिसके बाद लोग शांत होकर कैंप में लौट गए। अमर उजाला ने पहले ही एक महिला से बातचीत के आधार पर कैंप की अव्यवस्थाओं को उठाया था।
इटली से 20 दिन पहले 80 लोगों को सेना के कैंप में बने क्वारंटीन सेंटर में लाया गया था। लौटने के 20 दिन बाद भी घर न पहुंचने पर शिविर में रह रहे लोगों के परिजन भी मानेसर पहुंच गए और उन्होंने अपने परिजनों का साथ देते हुए उन्हें घर वापस भेजने की मांग की। लेकिन सेना के अधिकारियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। जिसको लेकर सभी का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं वे लोग धरने पर बैठ गईं। धरना दे रही महिलाओं ने अमर उजाला को बताया कि इटली से आए 20 दिन हो चुके हैं। 14 दिन तक क्वारंटीन करने की बात कहकर रखा गया था लेकिन 20 दिन बाद भी घर नहीं जाने दिया जा रहा है। वहीं, अब तक उनकी स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट भी नहीं दी गई है।
व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की बजाय दे रहे धमकी
मानेसर स्थित सेना के क्वारंटीन वार्ड में चल रही अव्यवस्थाओं व अनियमितताओं की अमर उजाला में बीते रविवार को खबर प्रकाशित होने के बाद सेना के आला अधिकारी इतना बौखला गए कि आवाज उठाने वाली महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार पर उतर आए हैं। सेना के अधिकारियों द्वारा तरह-तरह की धमकी दिए जाने के बाद क्वारंटीन सेंटर में रह रही महिलाएं बेहद डरी हुई हैं।
सूबेदार ने कहा 25 लोगों के बीच तुमको फेंकवा दूंगा
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बौखलाए सूबेदार ने महिला से कहा मै जांच रिपोर्ट नहीं देता, प्रधानमंत्री से बात कर लो। तुमको लेडीज पुलिस बुलवाकर पिटवाऊंगा। अभी तक तो नहीं रखा लेकिन अब 25 लोगों के बीच तुमको फेंकवा दूंगा। एक अधिकारी ने तो महिलाओं को धमकी देते हुए कहा कि जाकर दिखाओ, हम भी देखते हैं कि यहां से कैसे तुम अपने घर को जाती हो।