गुड़गांव में सभी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए रण का आखिरी दिन भी किसी युद्ध के मैदान से कम नहीं रहा। सत्ता पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाले प्रत्याशियों के घरों व दफ्तरों में सुबह से ही लोग टीवी पर रुझान देखते रहे।
चाय-बिस्किट और हुक्के की गुड़गुड़ाहट के बीच चर्चाओं का जबरदस्त दौर देखने को मिला। प्रत्याशियों के घर पर रात को शुरू हुई तैयारियों से ऐसे लगा मानो सब कुछ पहले से ही तय था।
सभी प्रत्याशियों के घर पर शुरू में उत्साह का माहौल रहा। लेकिन, जैसे-जैसे परिणाम आते गए कहीं खुशी चरम पर पहुंच गई तो कही निराशा का घनघोर अंधेरा छा गया। पेश है अमर उजाला संवाददाता की लाइव रिपोर्ट।
सेक्टर-5 में बीजेपी प्रत्याशी उमेश अग्रवाल का घर
मतगणना शुरू होने के बाद सुबह सवा नौ बजे सेक्टर-5 स्थित बीजेपी प्रत्याशी उमेश अग्रवाल के भाई राकेश अग्रवाल की कोठी का माहौल ही कुछ अलग ही नजर आया। कोठी के आगे समर्थकों की हलचल के बाद घर के अंदर हॉल में कुर्सियों पर बैठे समर्थकों की नजरें टीवी पर टिकी हुई थीं। हर मिनट जीत के दावों की चर्चा के बीच उनके भाई फोन पर बधाई लेते दिखे। यहां पास में खाली पड़े प्लॉट में बहुत बड़ा टैंट लग गया था।
कारीगरों ने बताया कि रात को ही तैयारी शुरू हो गई थी। ऐसा लगा मानों उन्हें पहले ही पता चल गया कि छोटा भाई विजयी होकर ही लौटेगा। सेक्टर-5 में ही उमेश अग्रवाल के घर का माहौल भी बेहद खुशनूमा दिखा। घर की ऐसी साफ-सफाई हो रही हो, मानो कोई बड़ा समारोह होने वाला है। उनकी पत्नी अनीता अग्रवाल सज-धज रही थीं। रिश्तेदार आए हुए थे। कह रहे थे जश्न में कितने बजे शरीक होना है।
गुड़गांव से इनेलो प्रत्याशी गोपीचंद गहलोत का कार्यालय
राजनीति के पुराने खिलाड़ी कहे जाने वाले इनेलो प्रत्याशी गोपीचंद गहलोत के झाड़सा स्थित आवास पर सुबह के साढ़े ग्यारह बजे का माहौल से लगा कि सब संडे की छुट्टी मना रहे हैं। घर के अंदर कोई हलचल नहीं दिखी। पूछने पर पता चला कि सभी कार्यालय में है।
सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पहुंचा तो गोपीचंद गहलोत सबसे आगे वाली सीट पर टीवी पर नजरें गाड़े बैठे थे। साथ में इनेलो जिलाध्यक्ष राजेश सूटा और गहलोत के वो सारथी बैठे नजर आए जो चुनाव से पहले जीत का जबरदस्त दावा कर रहे थे। टीवी पर हर मिनट बदलते समीकरण से उनके चेहरे उतरते दिखे। कोई किसी से बात करता भी नहीं दिख रहा था। ऐसे लगा कि उन्होंने शायद पहले ही हार मान ली थी।
बादशाहपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी राव नरबीर का आवास
सुबह सवा दस बजे गुड़गांव सीट पर बीजेपी की बढ़त के साथ राव नरबीर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर हलचल बढ़ती दिखी। लंबी और ऊंची गाड़ियों में उनके समर्थकों की लगातार भीड़ यहां पहुंचने लगी। समर्थकों की नजर राव नरबीर को खोजने में जुटी रही, लेकिन वे कहीं नहीं दिखे। बाहर बरामदे में मुड्डे पर बैठकर ताऊ हुक्के गुड़गुड़ा रहे थे।
टीवी पर न्यूज बदली जा रही थी। उन्हें सिर्फ अपने नरबीर की खबर चाहिए थी। लगातार यह माहौल दोपहर तक बना रहा। लेकिन इसके बाद तो सिविल लाइंस पर मानों कोई मेला लग गया हो। चारों तरफ गाड़ियों के बीच मेला स्थल यानी नरबीर सिंह के घर जश्न शुरू हो गया। बढ़त के साथ लड्डू बंटते दिखे। ढोल वाले पहले से तैयार नजर आए। शाम को जैसे ही अंतिम परिणाम जारी हुआ जश्न शुरू हो गया।
बादशाहपुर सीट से इनेलो प्रत्याशी राकेश दौलताबाद का गांव
कई सालों से राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार कर रहे इनेलो प्रत्याशी राकेश जांघु के गांव दौलताबाद में घुसते ही यहां का माहौल पूरी तरह राकेश की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आया। गांव में एक परचून की दुकान वाले ने कहा कि साहब, इस बार राकेश की जीत पक्की है। थोड़ी दूर राकेश के घर के अंदर लोगों का जबरदस्त जमावड़ा दिखा। टीवी के समीकरण और मोबाइल पर हर अपडेट की खबर लेते दिखे।
यहां राकेश के परिवार के निर्माणाधीन घर को पूरी तरह हॉल बना रखा था। ऐसा लगा मानो राकेश के जीतने के बाद ही इन कामों को दोबारा शुरू किया जाएगा। राकेश के पिता जिले सिंह ने कहा कि उनका समीकरण बिल्कुल सटीक जा रहा है। थोड़ी देर बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया माहौल बदल गया। घर के आसपास खड़े समर्थकों के वाहन कम होने लगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों के चेहरे लटक गए। शायद उन्हें लग गया था कि उनका भाई, दोस्त और युवा नेता इस बार भी खुद को साबित करने से चूक गया।