राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और प्रिंट द्विवार्षिकी में कलाकारों की प्रतिभा का सम्मान, 27 राज्यों से आईं 6175 कलाकृतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। ललित कला अकादमी ने बुधवार को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और तीसरी प्रिंट बाय-एनियल इंडिया 2026 का पुरस्कार समारोह आयोजित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के 20 पुरस्कार विजेताओं और प्रिंट बाय-एनियल इंडिया के पांच कलाकारों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कला को दीर्घाओं से बाहर निकालकर विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। इससे देश की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कलाकारों की साधना और सृजनशीलता को भारतीय कला की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि हर कलाकृति भाव, विचार और वर्षों की साधना की अभिव्यक्ति होती है। प्रदर्शनी के लिए देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,495 कलाकारों की 6,175 कलाकृतियां प्राप्त हुईं। प्रथम निर्णायक मंडल ने इनमें से 270 कलाकृतियों का चयन किया। समारोह का उद्देश्य समकालीन भारतीय कला और मुद्रण कला के क्षेत्र में कलाकारों के योगदान को रेखांकित करना था।
राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 कलाकार सम्मानित
ललित कला अकादमी की 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, रेखाचित्र और मुद्रण कला जैसे माध्यमों में योगदान के लिए 20 कलाकारों को पुरस्कार दिए गए। इनमें चंद्रशेखर साईं, गोपाल चंद्र नस्कर, निधि चोपड़ा और पंकज कुमार शर्मा जैसे कलाकार शामिल हैं। प्रवीण कुमार, राजेंद्र प्रसाद, रमेश विठ्ठल थोराट और रविराम रामकृष्णन भी सम्मानित हुए। संजय कुमार, संजीब कुमार गोगोई, संता देब और विजेंद्र शर्मा को भी पुरस्कार मिला।
प्रिंट द्विवार्षिकी में पांच ग्रैंड प्राइज
तीसरी प्रिंट बाय-एनियल इंडिया 2026 में पांच कलाकारों को ग्रैंड प्राइज के लिए चुना गया। इनमें फ्रांस की अन्नाबेल शेंक, भारत के बासवराजाचार केआर और रविंद्र राय शामिल हैं। पोलैंड के दारियुश काचा और कोरिया के मिन्हो किम को भी यह सम्मान मिला। इसके अतिरिक्त, अरविंद शर्मा, गाइ लैंगविन, जयंत गजेरा और रंजू को ऑनरेबल मेंशन प्रदान किया गया।
कोट:
यह सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं शुरू से ही इस क्षेत्र से जुड़ी रही हूं। मेरी फैमिली ने मुझे इसके लिए बहुत सहयोग किया है। मैं इस क्षेत्र में बहुत काम करना चाहती हूं, ताकि मुझे आगे भी पुरस्कार मिले।- रंजू कुमारी, प्रिंट मेकिंग
मैं हरियाणा के छोटे से गांव से आता हूं। मैं प्रिंट मेकिंग में बहुत ज्यादा काम कर रहा हूं। बचपन से ही इस क्षेत्र से जुड़ा रहा हूं। इससे पहले भी मैंने कई जगहों पर भाग लिया है। प्रिंट मेकिंग में मुझे बहुत बढ़ावा मिलता है। आज के समय में कला और संस्कृति को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे आने वाले कलाकारों को बढ़ावा मिलेगा, आगे काम करने का।- अरविंद शर्मा, प्रिंट मेकिंग
यह पल मेरे लिए बेहद खास है। यह कला मेरे लिए मेरा जीवन है। मैं इस क्षेत्र में काफी काम कर रहा हूं, ताकि इस कला को एक अलग जगह मिले। -बसावराजाचार के.आर., प्रिंट मेकिंग
मुझे इस कला को बनाते हुए 25 साल हो गए। मैं भोपाल से आता हूं। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति मैडम ने हमें सम्मानित किया है। यह खुशी हमेशा के लिए रहेगी।- रविंद्र रॉय, प्रिंट मेकिंग