दो दिनों तक जलभराव और ट्रैफिक जाम से जूझ रहे गुडग़ांव को शनिवार को थोड़ी राहत मिली। आईटी-बीपीओ कंपनियों में छुट्टी के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी कम रहा। इससे प्रशासन को काफी राहत मिली। किसी सड़क पर बड़ा जाम नहीं लगा।
जाम से लोगों को भले ही निजात मिली हो मगर उद्योग जगत की परेशानी अभी कम नहीं हुई है। उद्योगों में कच्चे माल पहुंचने का सिलसिला अभी शुरू नहीं हो सका है। अगर रविवार को मौसम साफ रहा तो उद्योगों काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
गुडग़ांव की हर सड़क पर वाहनों का दबाव रहता है। मगर शनिवार को यहां की आईटी-आईटीईएस और कॉरपोरेट कंपनियों में छुट्टी जैसा माहौल रहा। हजारों कर्मचारी दिल्ली-एनसीआर और गुडग़ांव के आंतरिक भागों से अपने कार्यालय नहीं आए।
जिसके कारण सड़कें खाली दिखी। जिस हीरो चौक पर जाम घंटों जाम लगा रहा वहां वाहनों की रफ्तार नहीं थमी। इस कारण लोगों ने काफी राहत की सांस ली। गुडग़ांव उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष परवीन यादव ने कहा कि उद्योगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम से काफी नुकसान हुआ है। अगर ऐसा माहौल दुबारा बनता है तो उद्योगों ही नहीं आम जनता का भी धैर्य टूट सकता है।
गुडग़ांव की आईटी-आईटीईएस और कॉरपोरेट कंपनियों में रोजाना करीब 50 हजार गाडिय़ां चलती हैं। जो दिन भर में पूरे गुडग़ांव की सड़कों पर कई चक्कर लगाती हैं। वर्किंग डेज में इन कारों के कारण सड़कें पूरी तरह से फुल हो जती है। ऐसे में जब बारिश हो जाएग तो जाम का भयानक दृश्य पैदा हो जाता है। उद्यमियों ने बायर्स और क्लाइंट्स के साथ अपनी मीटिंग को अभी भी फिलहाल के लिए आगे टाल दिया है।