भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता प्रेस वार्ता करते हुए
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विधानसभा सत्र एक बार फिर हंगामेदार होने के आसार हैं। बृहस्पतिवार को आयोजित होने वाले दिल्ली विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी की है। इसे लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जहां निर्णय लिया गया कि सदन की गरिमा हनन और जनहित से जुड़े मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विपक्ष पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने की मांग को सदन में पारित प्रस्ताव से असंवैधानिक तरीके से हटाने का विरोध करेगी। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि 23 दिसंबर को पारित संपूर्ण प्रस्ताव नियमानुसार विधान सभा की कार्यवाही का अविभाज्य अंग बन चुका है। इसके किसी भी भाग को निकाला नहीं जा सकता। सरकार सदन की गरिमा और मर्यादा भंग कर रही है।
विपक्ष दिल्ली सरकार से मांग करेगा कि 2016 से 2020 के बीच लागू होने वाले पांचवें दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सदन की पटल पर रखे। नगर निगमों को लेकर दिल्ली सरकार बदले की भावना नहीं रखें। विपक्ष यह भी मांग करेगा कि सदन सीलिंग को लेकर मॉनीटरिंग कमेटी की तानाशाही भूमिका के विरुद्ध एकजुट होकर विरोध करे। प्रदूषण नियंत्रण पर दिल्ली सरकार की असफलता, बाल गृहों में बच्चियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार, क्लीनिकल एस्टाब्लिेशमेंट एक्ट 2016 को लागू करने में सरकार के ढुलमुल रवैये का भी पर्दाफाश करेंगे।
विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने विधानसभा सचिव को विधा सभा के नियम 245 व अनुच्छेद 7(2)(सी) के अंतर्गत विधान सभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाने का नोटिस दिया है। विपक्ष सरकार पर दबाव बनाएगी कि इस नोटिस पर कार्यवाही की जाए।