कश्मीर में आतंक प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के नाम पर फंड एकत्रित करने के आरोप में पकड़े गए चारों कश्मीरी युवकों ने रिमांड में एक बड़ा खुलासा किया है। रिमांड पर लिए गए युवकों ने बताया कि डूसू अध्यक्ष अंकिव बसोया के नाम का फर्जी लेटरहेड तैयार कर बड़ी रकम एकत्रित करने की योजना थी।
इस पूरे मामले में आरोपी आमिर मास्टरमाइंड है। उसने यह पूरी साजिश रची। इस मामले में पुलिस ने डूसू अध्यक्ष से पूछताछ की है और डूसू अध्यक्ष से जुड़े सभी दस्तावेज लिए हैं। आरोपियों ने पुलिस रिमांड में खुलासा किया कि करीब 15 दिन पहले वे लोग शास्त्री पार्क (दिल्ली) में रहने के लिए आए थे। यहां पर वे कश्मीर में आतंक प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास के नाम पर दिल्ली की लगभग सभी कॉलोनियों में फंड एकत्रित करते थे। चार आरोपियों में मास्टरमाइंड आमिर बीए द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी है।
जिसने दिल्ली में डूसू अध्यक्ष अंकिव का पोस्टर देखने के बाद उनके नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार कर तीनों साथियों के साथ मिलकर गुरुग्राम में फंड एकत्रित करने की साजिश रची। खुलासा किया कि उन्हें उम्मीद थी कि डूसू अध्यक्ष के लेटरहेड से उन्हें बड़ी रकम मिलेगी।
इस खुलासे के बाद पुलिस उनके शास्त्री पार्क स्थित ठिकाने की जांच करने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, हर साल अक्तूबर में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से 700 से ज्यादा परिवार शास्त्री पार्क क्षेत्र में आकर रहते हैं यहां से दिल्ली व आसपास के क्षेत्र में फंड एकत्रित कर अप्रैल तक वापस चले जाते हैं।
जांच अधिकारी सेक्टर-4 चौकी प्रभारी एसआई मोहन सिंह ने बताया कि टेरर फंडिंग के कोण से भी जांच पड़ताल की जा रही है। जिसमें कुलगाम के गांव करेवा निवासी शाहरुख खान, गांव नरसिंह पीरा निवासी आमिर अहमद, जहोर अहमद भट्ट, बोफवारा के गांव बिलगाम निवासी अब्दुल हमीदभट्ट से पूछताछ की जा रही है। उधर, डूसू अध्यक्ष अंकिव ने कहा कि लेटरहेड फर्जी है। मैंने गुरुग्राम पुलिस को अपने से जुड़े सभी कागजात सौंप दिए हैं।