भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट मेरठ के 1 मार्च को आए आदेश के बावजूद अब तक पुलिस ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। मामले में बिसरख गांव के कुलदीप भाटी ने सीएम समेत आला अधिकारियों को ट्वीट व पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। ट्विटर पर की गई शिकायत पर आईजी मेरठ जोन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कुलदीप भाटी का आरोप है कि उसकी जमीन का अधिग्रहण किए बिना ही बिल्डर को आवंटन कर दिया गया था। कुलदीप ने जमीन वापस मांगी तो आबादी दूसरी जगह शिफ्ट कर दी गई। इसका आदेश करने वाले अधिकारियों का तबादला भी हो गया। अब पूर्व के अधिकारियों का आदेश प्राधिकरण में नहीं माना जा रहा है। इससे किसानों के मामले अटक गए। उनके हाथ से आबादी की जमीन भी बिल्डर को चली गई और दूसरी जगह शिफ्ट की गई जमीन भी किसानों को नहीं मिल पा रही है।
मामले का निस्तारण करने के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों ने बीस लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। इस मामले में कुलदीप की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट मेरठ ने तत्कालीन सीईओ व वर्तमान में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव रमा रमण, मीना भार्गव (वर्तमान में यमुना प्राधिकरण की महाप्रबंधक नियोजन), ऋतुराज व्यास ग्रेटर नोएडा के टाउन प्लानर, वैभव जैन बिल्डर व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अन्य संलिप्त अधिकारीगण पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। उन्होंने सीएम, आईजी, एसएसपी, कासना कोतवाली प्रभारी व अन्य अधिकारियों से शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।