आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का आतंकी अब्दुल्ला बासित तिहाड़ जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। वह मोबाइल में इंटरनेट भी चल रहा था और थ्रीमा ग्रुप के जरिये आईएस के भारत चीफ व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े पति-पत्नी के संपर्क में था। वह इन दोनों से लगातार चैट कर रहा था।
यह सनसनीखेज खुलासा पति जहांजेब व पत्नी हिना के मोबाइल की आई रिपोर्ट से हुआ है। इसके बाद तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इसकी अनौपचारिक सूचना तिहाड़ प्रशासन को दे दी है। इसका खुलासा होने के बाद गृहमंत्रालय ने मंगलवार को गिरफ्तार पति-पत्नी के मामले की जांच स्पेशल सेल से लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीते दिनों आईएस से जुड़े जहांजेब व उसकी पत्नी हिना को गिरफ्तार किया था। स्पेशल सेल ने दोनों के चार मोबाइल व एक हार्डडिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। स्पेशल सेल को मोबाइल फोनों से की गई चैटिंग मिल गई है। इस चैटिंग से पता चला है कि जहांजेब व हिना तिहाड़ जेल में बंद अब्दुल्ला बासित व आईएस के भारत चीफ के संपर्क में थे।
इन लोगों ने थ्रीमा पर व्हाट्सएप जैसा ग्रुप बनाया हुआ था। अब्दुल बासित को करीब एक वर्ष पहले एनआईए ने गिरफ्तार किया था और तभी से वह जेल में बंद है। पति-पत्नी अब्दुल्ला बासित के संपर्क में थे। जहांजेब व हिना को अब्दुल्ला बासित के बारे में आईएस के भारत चीफ ने बताया था। ये बातें चैटिंग में सामने आई है।
चैटिंग से पता चला है कि गिरफ्तार दंपती भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने और मुसलमानों को भड़काने की साजिश रच रहे थे। जहांजेब व हिना ने पूछताछ में इस बात को स्वीकार भी किया है। स्पेशल सेल ने तिहाड़ जेल में बंद अब्दुल्ला बासित को पुलिस रिमांड पर लिया था और पति-पत्नी से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी।
मंगलवार को तीनों का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को तिहाड़ जेल भेज दिया है। दूसरी तरफ इस मामले की जांच मंगलवार को दिल्ली पुलिस से लेकर एनआईए को सौंप दी गई है। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि मामले में बड़ा खुलासे सामने आने के बाद गृहमंत्रालय के आदेश के बाद जांच एनआईए को सौंपी गई है। एनआईए अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।