नौसेना में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे वित्त मंत्री।
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ केंद्र सरकार टैक्स की दरों से राहत देने पर विचार कर रही है तो दूसरी तरफ टैक्स का दायरा बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी में जुटी है। सोमवार को फरीदाबाद आए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कई ऐसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में लाने के संकेत दिए जो अब तक इससे बाहर हैं। नोटबंदी पर भी ज्यादा कुछ न बोलते हुए उन्होंने कहा कि अभी इंतजार करिए, आगे देखा जाएगा।
जेटली ने कहा कि प्रतिस्पर्धा घरेलू स्तर पर नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर है। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए टैक्स जरूरी है। आने वाले समय में हमारे देश में टैक्स को लेकर लोग स्वयं नियमों के अनुकूल हो जाएंगे।
ऐसा माहौल बनाना होगा कि जिससे लोग स्वेच्छा से ही टैक्स का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि टैक्स भरना लोगों का दायित्व है और इस दायित्व का निर्वाहन न करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 70 वर्ष से धारणा बनी हुई थी कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाना व्यवसायिक सूझबूझ का हिस्सा है, लेकिन ऐसा सोचने वालों को अब अपनी सोच बदलनी होगी।
नोटबंदी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब को मुस्कुराते हुए वित्त मंत्री टाल गए, लेकिन उन्होंने इंतजार करने की बात कही। नोटबंदी को लेकर 31 दिसंबर की समयसीमा बढ़ाए जाने के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ‘देखते हैं’।