संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने पूर्वी भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए नई रेल आधारित पर्यटन योजना डिवाइन ईस्ट टेम्पल टूर शुरू किया है। यह यात्रा 10 दिन की होगी और 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन रवाना होगी। यात्रा में वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (देवघर) जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। ट्रेन 18 मार्च को दिल्ली वापस लौटेगी। यात्रा की शुरुआत वाराणसी से होगी, जहां श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और गंगा आरती में शामिल होंगे। इसके बाद कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल, कालीघाट शक्तिपीठ और दक्षिणेश्वर काली मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे।
गंगासागर में पवित्र संगम पर स्नान और कपिल मुनि मंदिर दर्शन इस यात्रा का खास आकर्षण रहेगा। इसके बाद ट्रेन पुरी पहुंचेगी, जहां भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन होंगे। ओडिशा में भुवनेश्वर, धौली शांति स्तूप, उदयगिरि-खंडगिरि गुफाएं, कोणार्क सूर्य मंदिर और चिलिका झील भी दिखाई जाएगी। यात्रा का अंतिम पड़ाव झारखंड का बैद्यनाथ धाम होगा, जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
भारत गौरव डीलक्स ट्रेन में प्रथम, द्वितीय और तृतीय एसी श्रेणी की सुविधा उपलब्ध है। इसमें कुल 150 यात्रियों के लिए व्यवस्था है और दो रेस्टोरेंट कोच भी लगाए गए हैं। ट्रेन में शाकाहारी भोजन, सुरक्षा व्यवस्था और टूर मैनेजर की सुविधा दी जाएगी। यात्रा का किराया प्रथम एसी श्रेणी के लिए 1,06,940 रुपये, द्वितीय एसी श्रेणी के लिए 98,925 रुपये और तृतीय एसी श्रेणी के लिए 79,285 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। इस पैकेज में ट्रेन यात्रा, ठहरने की व्यवस्था, भोजन, स्थानीय भ्रमण, ट्रांसफर और यात्रा बीमा शामिल है। आईआरसीटीसी के अनुसार, यह यात्रा धार्मिक और पर्यटन अनुभव का विशेष संगम है। इच्छुक यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत पर्यटन कार्यालयों के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं।