नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आईआरसीटीसी होटल घोटाले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप औपचारिक रूप से तय करने की प्रक्रिया को 19 नवंबर तक स्थगित किया है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने नोट किया कि अभियोजन पक्ष ने स्थगन की मांग का विरोध नहीं किया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई की तारीख पर वे सभी आरोपी उपस्थित रहें, जिनके खिलाफ उच्च अदालत का कोई स्टे आदेश नहीं है। ईडी ने इस मामले में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया था। इससे पहले 10 सितंबर को पूर्ववर्ती अदालत ने सात आरोपियों को बरी कर दिया था और नौ के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ मजबूत संदेह है और जांच की प्रकृति, समय तथा प्रक्रिया से ऐसा नहीं लगता कि शिकायत राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी।
सीबीआई के मामले में पिछले अक्टूबर में लालू प्रसाद यादव और 11 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं। ईडी का आरोप है कि 2005 से 2014 के दौरान जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुली स्थित रेडियो होटलों की लीज सुजाता होटल्स को देने के लिए टेंडर में हेराफेरी की। बदले में सुजाता होटल्स के निदेशकों विनय कोछड़ और विजय कोछड़ ने पटना की प्रमुख जमीन डीएमसीपीएल नामक कंपनी को कम कीमत पर ट्रांसफर कर दी। इस कंपनी के नियंत्रक पीसी गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता लालू यादव के करीबी माने जाते हैं।