केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले एमफिल, पीएचडी के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (नेट) के बिना फेलोशिप बंद करने पर छात्रों के आंदोलन को देखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने इसे दोबारा से शुरू करने का आश्वासन दिया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) सहित दिल्ली विश्वविद्यालय व जवाहरलाल नेहरू छात्रसंघ के छात्र नेताओं ने रविवार को स्मृति ईरानी से मिलने के बाद इसकी घोषणा की।
यही नहीं एबीवीपी की मानें तो इसे राज्य विश्वविद्यालय में भी लागू किया जाएगा। होगा। हालांकि जेएनयू के वामपंथी छात्र संगठन इस आश्वासन का लिखित आदेश मिलने पर ही आंदोलन वापस लेने की बात कर रहे हैं।
सीधे छात्रों के खातों में आएगी फेलोशिप
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा व जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 2 बजे उन्होंने ईरानी से उनके निवास पर मुलाकात कर पूरी जानकारी दी।
साकेत के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने पूरा मामला जानने के बाद हमारी चार प्रमुख मांगों को जल्द लागू करने का भरोसा दिया है। इसमें यूजीसी के नॉन नेट फेलोशिप बंद करने का निर्णय भी है।
यह फेलोशिप सीधे छात्रों के बैंक अकाउंट में डालने के साथ इसे और पारदर्शी बनाया जाएगा। एबीवीपी का कहना है कि इस आश्वासन के बाद अब वह 26 अक्टूबर को यूजीसी पर प्रदर्शन नहीं करेंगे।
लिखित आदेश के बिना नहीं खत्म होगा आंदोलन
वहीं, इसके उलट ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) व जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला रशीद का कहना है कि जब तक इस आश्वासन पर लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा।
इस विषय में जेएनयू छात्रसंघ का नाम इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि इसके तीन प्रतिनिधियों को इस मुलाकात की जानकारी तक नहीं दी गई। शेहला ने कहा कि आंदोलन का पूर्व निर्धारित यूजीसी पर कब्जा करो सोमवार को होगा। इसमें जेएनयू, डीयू, जामिया सहित देश के विश्वविद्यालय से दिल्ली पहुंचे छात्र सोमवार को यूजीसी मुख्यालय की ओर कूच करेंगे।
स्मृति ईरानी के छात्रों को आश्वासन देने के बाद भी फिलहाल यूजीसी इस संबंध में आदेश विश्वविद्यालयों को जारी नहीं करेगा। सूत्रों के अनुसार आयोग ने निर्णय किया है कि जब तक इस मुद्दे को लेकर उपजे विवाद पर विराम नहीं लगता है तब तक किसी भी विश्वविद्यालय को इस बाबत कोई आदेश नहीं भेजा जाएगा।