आईपी एंड टीएएफएस ग्रुप 'ए' के अधिकारी आशीष जोशी 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उनका पूरा कार्यकाल कई महत्वपूर्ण घटनाओं और विवादों से भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर में कई कड़े और साहसिक निर्णय लिए थे।
उन्हें वर्ष 2019 में दो साल आठ महीने के लिए निलंबित किया गया था। यह निलंबन दिल्ली पुलिस आयुक्त को लिखे एक पत्र के बाद हुआ। पत्र में उन्होंने भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। यह मांग एक कथित भड़काऊ पोस्ट से संबंधित थी।
वहीं वर्ष 2015 में दिल्ली संवाद आयोग के सदस्य (सचिव) के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनका अरविंद केजरीवाल से टकराव हुआ था। यह टकराव नियुक्तियों में उचित प्रक्रिया का पालन न करने के मुद्दों पर था। महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में अपने कार्यकाल के दौरान आशीष जोशी ने बकाया भुगतान न करने वाले डिफॉल्टरों के फोन कनेक्शन भी काट दिए थे। इनमें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के कनेक्शन भी शामिल थे।
कपिल मिश्रा के खिलाफ की थी कार्रवाई की मांग
आशीष जोशी को वर्ष 2019 में एक महत्वपूर्ण निलंबन का सामना करना पड़ा था। उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। यह मामला कपिल मिश्रा के एक कथित भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा था। उनका निलंबन दो साल आठ महीने तक चला था। यह घटना उनके कॅरिअर की एक प्रमुख और चर्चित घटना रही।
केजरीवाल से हुआ था टकराव
वर्ष 2015 में दिल्ली संवाद आयोग में रहते हुए आशीष जोशी का तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सीधा टकराव हुआ था। यह विवाद नियुक्तियों में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन न करने को लेकर था। एमटीएनएल में भी उन्होंने कड़े और निष्पक्ष फैसले लिए थे। उन्होंने बकाया भुगतान न करने वाले डिफॉल्टरों के फोन कनेक्शन काट दिए थे।