रामप्रस्था बिल्डर की मनमानी के खिलाफ निवेशकों ने शनिवार को सेक्टर-44 स्थित बिल्डर के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। रामप्रस्था बायर्स एसोसिएशन के बैनर तले लोगों ने बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। निवेशकों का आरोप है कि आठ साल पहले फ्लैट मिलने की उम्मीद पर उन्होंने पैसे लगाए थे, लेकिन अब तक उनके हाथ इंतजार के सिवाय कुछ नहीं लगा है। प्रदर्शन में 200 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन कर रहे विवेक अरोड़ा ने बताया कि 2009 में सेक्टर-37डी में निवेशकों ने फ्लैट बुक करवाए गए थे। बिल्डर ने 2012 में फ्लैटों का कब्जा देने का वादा किया था। फ्लैटों की पूरी रकम वसूलने के बाद भी फ्लैट देना तो दूर की बात, अब तक निर्माण कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। निवेशक धीरज कुमार का कहना है कि बिल्डर, परियोजना को पूरा करने के लिए इंटरनल डेवलपमेंट चार्ज (आईडीसी) व एक्सटरनल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) के नाम पर निर्धारित दर से अधिक राशि मांग रहा है, जबकि निवेशकों ने बिल्डर को फ्लैट की पूरी रकम अदा कर दी है।
बिल्डर के पास निवेशकों के करीब 12 करोड़ रुपये जमा हैं। उनका कहना है कि लोगों ने बैंक से ऋण लेकर फ्लैट बुक करवाए थे, लेकिन आठ साल बाद भी उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया है। साथ ही बैंक का कर्ज अलग चुका रहे हैं। निवेशिका मुक्ता कपूर ने कहा कि पिछले माह भी निवेशकों ने बिल्डर से मिलकर प्रोजेक्ट पूरा कर पजेशन देने की मांग की थी, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर मामले को टरका रहा है।
प्रदर्शन कर रहे निवेशकों की मांग है कि उन्हें अपने फ्लैटों का कब्जा जल्द से जल्द दिया जाए। साथ ही बिल्डर, परियोजना में देरी के लिए ब्याज का भुगतान करे। उनका कहना है कि निवेशकों ने जीवनभर की कमाई बिल्डर को दे दी, अब वह चुप बैठने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन में नीरज कुमार, अतानू, बिशनकुमार, प्रदीप कुमार, संजय ठाकुर आदि शामिल थे।