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बिल्डर सोसायटी का हाल: जान हथेली पर रखकर रह रहे छह हजार निवेशक

Sat, 17 Sep 2016 06:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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नोएडा में करीब 6000 निवेशक ऐसे हैं, जो विभिन्न बिल्डर प्रोजेक्ट्स में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के रह रहे हैं। इसमें एक कारण बिल्डर की ओर से प्राधिकरण की बकाया किस्तें न जमा होना है, साथ ही अग्नि सुरक्षा, लिफ्ट आदि मानक पूरा न होना भी अहम वजहें है। निवेशक जान हथेली पर रखकर फ्लैट में रहने को मजबूर हैं।
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बायर एंड इंफ्रास्ट्रक्टर कमेटी के चेयरमैन बीवी राय सिंघानिया ने बताया कि एमरॉल्ड कोर्ट में करीब 550 निवेशक रह रहे हैं। 17 जून 2014 में फायर एनओसी रद्द है।

इसके बाद अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करके फायर की एनओसी नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि सोसायटी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है। सेक्टर- 50 स्थित आम्रपाली ईडेन पार्क के पास भी प्राधिकरण का कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है।
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हालांकि प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक प्राधिकरण का बिल्डर पर करीब 22 करोड़ रुपये बकाया है, जिसके कारण कंपलीशन नहीं मिला है। करीब 316 फ्लैट की इस सोसायटी के निवासियों का कहना है कि अग्निशमन उपकरण पूरे नहीं है।

कभी भी आग लगी तो बड़ा हादसा हो सकता है। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक आम्रपाली के सिलिकॉन सिटी, प्लेटीनम, सफ्फायर आदि, जेपी के प्रोजेक्टरों में अमन, विश टाउन, सेक्टर -19 में यूनिटेक का प्रोजेक्ट आदि करीब 22 प्रोजेक्टों केपास कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं है। इनमें बिल्डर ने निवेशकों को पजेशन दे दिया है।

प्रोजेक्ट में कंपलीशन सर्टिफिकेट के लिए सुरक्षा प्रमाण पत्र, स्ट्रक्चर प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र, लिफ्ट सुरक्षा प्रमाण पत्र आदि जरूरी है। बिना इन कागजातों के किसी भी प्रोजेक्ट को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सकता है।

प्राधिकरण कंपलीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट को एक ही मानती है। रिलीफ पॉलिसी को लेकर बीते समय लखनऊ में बैठक हुई थी, जिसमें नोएडा प्राधिकरण के सीईओ पीकेअग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।

प्राधिकरण बिल्डरों से अपना बकाया पैसा लेने के लिए इस पॉलिसी को लाना चाहता है। इसमें रीशिड्यूलिंग, बिल्डर के पास बची भूमि को वापस लेने आदि कई नियम हैं।

इसमें एक और नियम जोड़ दिया गया है, जिसके तहत ऐसे फ्लैट जिनमें पजेशन नहीं हुआ है उनका कब्जा प्राधिकरण अपने हाथ में ले लेगा और उसे बेचने से आने वाली राशि बिल्डर पर बकाया किस्त के रूप में जमा होगी।

डिफॉल्टर की लिस्ट वेबसाइट पर डाली जाए 
नोएडा में करीब 6000 ऐसे निवेशक हैं, जो बिना प्रोजेक्ट के कंपलीशन सर्टिफिकेट के रह रहे हैं। प्राधिकरण की किस्त के अलावा इनमें से कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनमें सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैं।  ऐेसे बिल्डर, जिन्हें प्राधिकरण ने डिफॉल्टर घोषित किया है, उनकी लिस्ट नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर डाल देनी चाहिए।- अन्नू खान, अध्यक्ष, नेफोमा।

भवन नियमावली में उपलब्ध है जानकारी 
कंप्लीशन सर्टिफिकेट की चेक लिस्ट की जानकारी नोएडा भवन नियमावली 2016 में उपलब्ध है। जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे में किसी भी दशा में स्ट्रक्चर प्रमाण पत्र, सुरक्षा प्रमाण पत्र, अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र, विद्युत विभाग का प्रमाण पत्र, पर्यावरण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र, लिफ्ट सुरक्षा प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात पूरे होने पर ही आवेदन प्राप्त किए जाएं।    - एससी गौड़, चीफ आर्किटेक्ट प्लानर, नोएडा प्राधिकरण

सीएम तक पहुंचाई बात
निवेशकों की परेशानी की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है। संभव है कि मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस संबंध में प्राधिकरण को दिशा निर्देश जारी करें।- फत्तू राम भोजवानी, औद्योगिक सलाहकार, प्राधिकरण
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