लघु सचिवालय पर पिछले 15 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे निवेशकों को प्रशासन से न्याय मिलने का इंतजार है। बृहस्पतिवार को भी निवेशकों ने धरना जारी रखा। निवेशकों ने बिल्डर और प्रशासन के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
दरअसल, 12 मई से निवेशक कभी पीयूष ग्रुप के निदेशक के घर तो कभी कार्यालय पर धरने पर बैठे। निवेशकों को इनेलो पार्टी से लेकर कांग्रेस पार्टी का समर्थन मिल चुका है। लेकिन अभी तक प्रशासन बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
निवेशकों का कहना था कि बिल्डर कंपनी ने उनसे ब्याज पर नकदी ली थी और अब बिल्डर न तो ब्याज दे रहा है और न ही मूल राशि। रोबिन नरवत ने बतया कि उन्होंने ढाई साल पहले बिल्डर को प्रोजेक्ट में पैसा लगाने के लिए करोड़ों रुपये दिए।
इस एवज में बिल्डर ने एक साल अग्रिम तारीख वाले पीडीसी चैक दिए। लेकिन अब न ब्याज मिल रहा है और न ही मूल। चैक भी बाउंस हो चुके है। बिल्डर कार्यालय के आसपास धरने पर रोक लगने के बाद निवेशक सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय पर धरना दे रहे हैं। धरने पर हुकमचंद, मधुर गोयल, लक्ष्मण दास, विशाल गुप्ता, प्रकाश चंद, सतपाल चंदावली, रविंद्र नरवत और राकेश सीही बैठे हुए हैं।