18 नवंबर को छात्र ने खुदकुशी कर ली थी। उसके पास से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने अपने शिक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मेट्रो पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने मामले को अपराध शाखा को सौंपने की पुष्टि की है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामला अपराध शाखा को सौंपने से एक दिन पहले छात्र के पिता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महाराष्ट्र के अहमद नगर के सांसद से मुलाकात कर बेटे के सुसाइड नोट में नामजद शिक्षकों पर जल्द कार्रवाई की मांग की थी।
राजा गार्डन मेट्रो पुलिस ने मामले की जांच के दौरान नामजद चार शिक्षकों के साथ-साथ उसके कक्षा के छात्रों और अन्य शिक्षकों से पूछताछ की थी। साथ ही पुलिस ने छात्र के परिजनों से भी पूछताछ की। छात्र के दोस्तों ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल के शिक्षक उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने की धमकी दी थी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे और मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की भी जांच की थी। परिवार वालों के विरोध की वजह से नामजद शिक्षकों को स्कूल प्रबंधन की ओर से निलंबित कर दिया गया था।