- मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज ने इंटर्न के कार्य और प्रशिक्षण को लेकर दिए दिशा-निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) ने चिकित्सक इंटर्नों के कार्य और प्रशिक्षण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य इंटर्नों को गुणवत्तापूर्ण क्लीनिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उनसे गैर-शैक्षणिक कार्य लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।
कॉलेज के शैक्षणिक अनुभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार किसी भी इंटर्न से सप्ताह में 48 घंटे और एक दिन में 12 घंटे से अधिक कार्य नहीं लिया जाएगा। साथ ही उन्हें ऐसे कार्य सौंपे जाएंगे जो उनके चिकित्सकीय प्रशिक्षण से सीधे जुड़े हों। इसमें मरीजों का इतिहास लेना, शारीरिक परीक्षण करना, मानक नैदानिक प्रक्रियाएं सीखना और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में भागीदारी शामिल है।
निर्देशों में विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि इंटर्नों की लॉगबुक में दर्ज प्रक्रियाओं का वास्तविक प्रशिक्षण दिया जाए और बिना कार्य किए किसी प्रक्रिया को प्रमाणित न किया जाए। इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावहारिक प्रशिक्षण दोनों को मजबूती मिलेगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इंटर्नों का उपयोग नर्सिंग अर्दली की तरह केवल रिपोर्ट लाने, नमूने पहुंचाने या अन्य गैर-चिकित्सकीय कार्यों के लिए नहीं किया जाएगा। हालांकि किसी आपात स्थिति में यूनिट इंचार्ज आवश्यक समझे तो ऐसे कार्य सौंपे जा सकते हैं।
इसके अलावा सभी इंटर्नों को फोटो पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिन्हें ड्यूटी के दौरान अपने पास रखना अनिवार्य होगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से इंटर्नों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, उनकी पेशेवर दक्षता बढ़ेगी और अस्पतालों में प्रशिक्षण व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बन सकेगी।