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इंटरनेट पर गुलजार, शाहबेरी के बिल्डरों का बाजार, बेखौफ हैं बिल्डर और कॉलोनाइजर

Sun, 22 Jul 2018 12:05 PM IST
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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शाहबेरी में दर्दनाक हादसे की गूंज देश भर में सुनाई दे रही है। इलाके में कई बिल्डिंगों को अवैध घोषित कर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। आसपास के लोग इमारतों को खाली कर रहे हैं। वहीं इंटरनेट पर शाहबेरी के बिल्डरों का बाजार अब भी गुलजार है। वेबसाइट पर आज भी शाहबेरी में फ्लैटों की बिक्री की बंपर सेल लगी है। इंटरनेट पर दिए गए विज्ञापनों में लिखे गए नंबरों पर संपर्क करने पर ग्राहकों को शाहबेरी की भूमि पर बनी बहुमंजिला इमारतों के फ्लैटों को प्राधिकरण आदि से अनुमति प्राप्त बताया जा रहा है। साथ ही

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बिल्डिंग के सुरक्षित और पूरी तरह वैध बताया जा रहा है।   

एक दूसरे को दोषी ठहराने में लगे अफसर 
पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण तीनों महकमों में शाहबेरी हादसे के बाद एक दूसरे विभाग के अधिकारियों को हादसे व अवैध निर्माण के लिए दोषी ठहराने की होड़ शुरू हो गई है। पुलिस प्राधिकरण और तहसील के अधिकार क्षेत्र का मामला बताकर पल्ला झाड़ रही है, तो प्राधिकरण के अधिकारी अधिग्रहण न होने के कारण पुलिस और प्रशासन के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। ये भी कहा जा रहा है कि अवैध निर्माण के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है।  

खतरे की घंटी है ‘शाहबेरी’
शाहबेरी हादसा एनसीआर क्षेत्र के लिए एक खतरे की घंटी है। इस हादसे के बाद भी अगर पुलिस-प्रशासन को हर पहलु से निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। जिससे ऐसे हादसों को भविष्य में रोका जा सके। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि  बिल्डरों व कॉलोनाइजर पर भी अधिकारियों को लगाम कसनी चाहिए। बिल्डर इंटरनेट व वेबसाइट के माध्यम से लोगों को झांसा देते हैं। अधिकारियों को इंटरनेट पर नजर रखकर ऐसे बिल्डरों पर लगाम लगानी चाहिए जो अवैध निर्माण कर लोगों के सपने व जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।  

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