पोर्टल शुरू करने वाली महिला उद्यमी अर्चना हून ने बताया कि राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराधों की दर बेहद ज्यादा है और रोजाना कार्यस्थल पर यौन शोषण, घरेलू हिंसा व छेड़छाड़, तीन तलाक व वैवाहिक विवाद जैसे सामाजिक व आपराधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पातीं।
ऐसा उन्हें जानकारी न होने व वकील तक उनकी पहुंच न होना है। यह पोर्टल उनकी कानूनी जरूरतों के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करवाएगा।
राजधानी में पीछा करने के 669, तांक झांक के 41 व दुष्कर्म के 2155 मामले 2016-17 मे दर्ज किए गए थे। इनके अलावा पति व ससुराल वालों के हाथों प्रताड़ना व दहेज हत्या के मामले अलग हैं। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में 2016-17 में गत वर्ष की तुलना में 160 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।